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बस्ती पुलिस का बड़ा खुलासा: ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, 103 कार्ड बरामद; 30.40 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा
बस्ती 15 अक्टूबर 2026
बस्ती। एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बस्ती पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना कलवारी पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 103 एटीएम कार्ड, एक स्वाइप मशीन (POS), चार मोबाइल फोन, 15,430 रुपये नकद, एक कूटरचित नंबर प्लेट और वारदात में इस्तेमाल की गई किआ कैरेंस कार बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने स्वाइप मशीन के माध्यम से 30,40,061 रुपये के लेनदेन किए थे। गिरोह की अन्य वारदातों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
एसपी ओमवीर सिंह की मौजूदगी में हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत, क्षेत्राधिकारी कलवारी बृजेश सिंह और सीओ क्राइम कुलदीप यादव की मौजूदगी में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर 2026 को थाना कलवारी क्षेत्र के कसौरा बाजार में शिकायतकर्ता आफताब आलम पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद दो व्यक्तियों ने मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और पिन कोड भी जान लिया। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे एटीएम का इस्तेमाल कर उनके खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए।
पीड़ित की शिकायत पर थाना कलवारी में मुकदमा अपराध संख्या 246/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) और 318(4) में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना कलवारी पुलिस और सर्विलांस टीम को लगाया गया। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा के रहने वाले हैं चारों आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिट्टू कुमार पुत्र स्वर्गीय रमेश कुमार, निवासी डाटा गांव, थाना नानौद, जिला हिसार, हरियाणा, उम्र लगभग 35 वर्ष; मनीष पुत्र स्वर्गीय रणधीर सिंह, निवासी खुबड़ गांव, थाना बवानी खेड़ा, जिला हिसार, हरियाणा, उम्र लगभग 22 वर्ष, वर्तमान पता फ्रेंड्स एन्क्लेव, सुल्तानपुरी, राजापार्क, दिल्ली; राहुल पुत्र स्वर्गीय रमेश कुमार, निवासी डाटा गांव, थाना नानौद, जिला हिसार, हरियाणा, उम्र लगभग 22 वर्ष; और आर्यन पुत्र नरेंद्र सिंह, निवासी पेटवाड़ गांव, थाना नानौद, जिला हिसार, हरियाणा, उम्र लगभग 25 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 103 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद कार्ड अलग-अलग बैंकों के बताए गए हैं। मामले में बरामदगी और पूछताछ के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मदद के बहाने कार्ड बदलकर खाली करते थे खाते
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किआ कैरेंस कार से एक साथ यात्रा करते थे और अपने गृह राज्य से दूर दूसरे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन से करीब 100 मीटर की दूरी पर अपनी गाड़ी खड़ी कर देते थे। इसके बाद एटीएम से रुपये निकालने पहुंचने वाले लोगों को मदद का झांसा देकर उनके कार्ड बदल लेते थे।
आरोपी पीड़ितों का पिन कोड जानने के बाद दूसरे एटीएम से रुपये निकालते थे। इसके अतिरिक्त, अपने पास मौजूद भारत पे (BHARAT PAY) स्वाइप मशीन में कार्ड लगाकर रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इस तरीके से गिरोह के सदस्य लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाते थे और ठगी की रकम को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास करते थे।
स्वाइप मशीन से 30.40 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, बरामद स्वाइप मशीन की जांच में पता चला कि आरोपियों ने 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच विभिन्न लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर कुल 30,40,061 रुपये स्वाइप मशीन के माध्यम से ट्रांसफर किए थे। यह मशीन गुजरात की एक फर्म के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। मशीन से जुड़े लेनदेन और संबंधित फर्म की भूमिका के संबंध में आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती से लेकर लखनऊ और वाराणसी तक फैला नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने बस्ती, लखनऊ, खलीलाबाद और वाराणसी समेत अन्य जनपदों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। आरोपियों ने पूछताछ में 11 अक्टूबर के बाद भी दूसरे शहरों में ऐसी वारदातें करने की जानकारी दी है। पुलिस उन घटनाओं का ब्योरा जुटा रही है और संभावित पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बिट्टू कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा राजस्थान में भी कई मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख मिला है। मनीष और राहुल के खिलाफ लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में दर्ज मामलों का विवरण सामने आया है, जबकि आर्यन के खिलाफ सहारनपुर में दर्ज एक मामले का उल्लेख है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी संबंधित राज्यों और जनपदों से जुटाई जा रही है।
अवैध संपत्ति की जांच और अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास
एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में अवैध संपत्ति का पता चलने पर न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त कर उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आरोपियों को कानून के तहत अधिकतम सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि गिरोह की अन्य वारदातों, ठगी की रकम और संभावित सहयोगियों के संबंध में जांच जारी है। दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
इस कार्रवाई में थाना कलवारी के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार, सर्विलांस प्रभारी शेषनाथ यादव, उपनिरीक्षक स्वामीनाथ सिंह, उपनिरीक्षक रामकुमार, हेड कांस्टेबल देवेश यादव तथा कांस्टेबल संतोष कुमार, किशन सिंह, रविंद्र सिंह, मनोज कुमार, विनीत यादव और बबलू शर्मा समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
गिरोह का पर्दाफाश करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने 25,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
बस्ती पुलिस की इस कार्रवाई से एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के काम करने के तरीके और उसके कथित आर्थिक नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अब पुलिस की जांच का केंद्र अन्य पीड़ितों की पहचान, स्वाइप मशीन से हुए लेनदेन, ठगी की रकम की बरामदगी और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों तक पहुंचना है।
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