NGV PRAKASH NEWS

सिद्धार्थनगर: निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर रेडियोलॉजिस्ट पर युवती से अभद्रता का आरोप, मारपीट का वीडियो वायरल
सिद्धार्थनगर 16 अक्टूबर 2026.
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी में एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर युवती के साथ कथित तौर पर गलत हरकत किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी बताए जा रहे रेडियोलॉजिस्ट के साथ मारपीट की। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
डायमंड डायग्नोस्टिक सेंटर का बताया जा रहा वीडियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो बांसी कोतवाली तिराहे के पास स्थित डायमंड डायग्नोस्टिक सेंटर का बताया जा रहा है। आरोप है कि सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची युवती के साथ रेडियोलॉजिस्ट ने अनुचित व्यवहार किया। युवती की शिकायत के बाद लोगों के पहुंचने पर विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर डॉक्टर के साथ मारपीट की गई।
वायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में पिट रहे व्यक्ति की पहचान डॉ. एल.एस. सिंह के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, घटना के पूरे घटनाक्रम, युवती की शिकायत और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान की पुष्टि आवश्यक है।
सरकारी अस्पताल में तैनाती, निजी सेंटर पर काम करने का सवाल
इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि संबंधित रेडियोलॉजिस्ट सरकारी चिकित्सालय में तैनात हैं, तो निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर उनकी भूमिका क्या थी? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉ. एल.एस. सिंह वर्तमान में बांसी स्थित 50 शैयायुक्त चिकित्सालय में तैनात बताए जा रहे हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह संबंधित चिकित्सक की तैनाती, निजी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड करने की परिस्थितियों और लागू सेवा नियमों के अनुपालन की जांच करे। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
मामले में युवती के आरोपों, वायरल वीडियो और संबंधित चिकित्सक की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही, पुलिस की मौजूदगी में मारपीट किए जाने के मामले की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी आरोप की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
फिलहाल, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
NGV PRAKASH NEWS