दो घरों में चोरी करने वाले पांच शातिर अंतरजनपदीय आरोपी गिरफ्तार, एंटी थेफ्ट प्रभारी भानु प्रताप सिंह की टीम ने की अहम कार्रवाई…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

बस्ती पुलिस का बड़ा एक्शन: दो घरों में चोरी करने वाले पांच शातिर अंतरजनपदीय आरोपी गिरफ्तार, एंटी थेफ्ट प्रभारी भानु प्रताप सिंह की टीम ने की अहम कार्रवाई

सीतापुर और बहराइच तक फैला आरोपियों का नेटवर्क, चोरी के जेवर खरीदने वाला कथित सोनार भी गिरफ्तार; नकदी, सोने-चांदी की धातु, तीन मोबाइल और कार बरामद

बस्ती, 19 अक्टूबर 2026।

जनपद बस्ती में चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 10 दिवसीय विशेष अभियान के तहत गौर पुलिस, एसओजी टीम और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गौर थाना क्षेत्र के दो पड़ोसी गांवों में घरों में घुसकर चोरी की वारदातों में शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 ग्राम पीली धातु का टुकड़ा, 400 ग्राम सफेद धातु का टुकड़ा, चोरी के 17,040 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई ईऑन कार बरामद की है।

इस संयुक्त कार्रवाई में एंटी थेफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में गौर पुलिस, एसओजी और एंटी थेफ्ट टीम ने समन्वित कार्रवाई कर मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों में चोरी के जेवर खरीदने का काम करने वाला एक कथित सोनार भी शामिल है। पुलिस अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

आधी रात को दो गांवों के घरों में हुई थी चोरी

घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने क्षेत्राधिकारी ह्ररैया स्वर्णिम सिंह की मौजूदगी में बताया कि, 10 और 11 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि लगभग एक से ढाई बजे के बीच थाना गौर क्षेत्र के ग्राम उकरहा और रानीपुर बाबू में चोरी की घटनाएं हुई थीं। अज्ञात चोरों ने दोनों गांवों में स्थित घरों को निशाना बनाकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली थी।

पहली घटना ग्राम उकरहा में हुई, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर एक मकान की खिड़की के रास्ते अंदर प्रवेश किया। इसके बाद कमरे में रखे बक्से को तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 2,000 रुपये नकद चोरी कर लिए।

इसके बाद आरोपियों ने पास के गांव रानीपुर बाबू में एक अन्य मकान को निशाना बनाया। यहां घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण तथा करीब 5,000 रुपये नकद चोरी कर लिए गए।

दोनों घटनाओं के बाद पीड़ितों की शिकायत पर थाना गौर में मुकदमा संख्या 175/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305(a) में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू की।

सौराहा क्रॉसिंग के पास से पांचों आरोपी गिरफ्तार

अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने बताया कि चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए गौर पुलिस, एसओजी और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, 19 अक्टूबर 2026 को रात करीब 2:45 बजे सौराहा क्रॉसिंग से कुछ दूरी आगे से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार वर्मा, सोनेलाल उर्फ सोनू चौहान, अवधेश चौहान, धनीराम और आमिर उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें चार आरोपी घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे, जबकि पांचवां आरोपी सोने-चांदी के आभूषण खरीदने का काम करता था।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर गौर क्षेत्र में हुई दोनों चोरी की घटनाओं का अनावरण किया गया है। मामले में आगे की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।

एंटी थेफ्ट प्रभारी भानु प्रताप सिंह की टीम रही संयुक्त अभियान में शामिल

चोरी और नकबजनी की घटनाओं के खुलासे के लिए की गई इस कार्रवाई में एंटी थेफ्ट टीम की भूमिका भी अहम रही। एंटी थेफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने गौर पुलिस और एसओजी के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई में भाग लिया।

विशेष अभियान के तहत विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित कर चोरी के मामले में आरोपियों तक पहुंचने और बरामदगी की कार्रवाई की गई। पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में एंटी थेफ्ट प्रभारी भानु प्रताप सिंह के साथ उनकी टीम के सदस्यों का भी उल्लेख किया गया है।

एंटी थेफ्ट टीम में हेड कांस्टेबल अतुल चौबे, कांस्टेबल अभिलाष प्रताप सिंह, कांस्टेबल सुभेन्द्र तिवारी और कांस्टेबल सौरभ मिश्रा शामिल रहे। इस पूरे अभियान में गौर पुलिस और एसओजी टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

चोरी का माल बेचने के लिए कथित सोनार से करते थे संपर्क

अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनमें से चार लोग कार से ग्रामीण और शहरी इलाकों में घूमकर घरों को निशाना बनाते थे। चोरी के दौरान मिले सोने-चांदी के आभूषणों को वे पांचवें आरोपी आमिर के पास बेचते थे, जो आभूषणों का कारोबार करता है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने उकरहा और रानीपुर बाबू में चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद आभूषण आमिर को बेचने की बात बताई। पूछताछ में चोरी के माल के बदले 70,000 रुपये मिलने और रकम को आपस में बांटने का भी जिक्र किया गया है।

उन्होंने बताया कि कि आरोपी वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई ईऑन कार से घटनास्थलों तक पहुंचते थे और चोरी के बाद वहां से निकल जाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने नेपाल भागने की फिराक में होने की बात भी बताई। हालांकि, पूछताछ में दिए गए बयानों और कथित स्वीकारोक्ति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जानी है।

आरोपियों के कब्जे से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है।

  • 15 ग्राम पीली धातु का टुकड़ा।
  • 400 ग्राम सफेद धातु का टुकड़ा।
  • चोरी के 17,040 रुपये नकद।
  • तीन मोबाइल फोन, जिनमें लावा कंपनी, गामा मॉडल 4C मिनी और सैमसंग कंपनी के मोबाइल शामिल हैं।
  • वारदात में इस्तेमाल की गई एक हुंडई ईऑन कार, जिसका पंजीकरण नंबर UP32FY3606 है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और 111(2) की बढ़ोतरी की गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

1. राजकुमार वर्मा (करीब 40 वर्ष) — पुत्र छोटेलाल वर्मा, निवासी औरीसायपुर, थाना तंबौर, जनपद सीतापुर।

2. सोनेलाल उर्फ सोनू चौहान (करीब 25 वर्ष) — पुत्र रामजीवन, निवासी कुट्टी सुपौली, मौजा लोनिया पुरवा, थाना लहरपुर, जनपद सीतापुर।

3. अवधेश चौहान (करीब 30 वर्ष) — पुत्र बाबूराम, निवासी बेदौरा, थाना रेउसा, जनपद सीतापुर।

4. धनीराम (करीब 32 वर्ष) — पुत्र जगन्नाथ, निवासी ऊंचगांव करहेका, थाना सकरन, जनपद सीतापुर।

5. आमिर उर्फ गुड्डू (करीब 36 वर्ष) — पुत्र मेराज, निवासी महराजगंजजोत चांदपार, थाना हरदी, जनपद बहराइच। पुलिस के अनुसार, आरोपी आभूषणों के कारोबार से जुड़ा है।

कई जिलों में दर्ज हैं आरोपियों के खिलाफ मुकदमे

अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया किगिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न जनपदों में मुकदमे दर्ज रहे हैं। इन मामलों में चोरी, लूट, चोरी का माल रखने, शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और अन्य धाराओं से जुड़े प्रकरणों का उल्लेख है।

राजकुमार वर्मा के खिलाफ सीतापुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर सहित विभिन्न स्थानों पर दर्ज कई मुकदमों का विवरण दिया गया है। सोनेलाल उर्फ सोनू चौहान के खिलाफ भी सीतापुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और लखनऊ से संबंधित मामलों का उल्लेख है। अवधेश चौहान के खिलाफ सीतापुर में चोरी और अन्य मामलों का विवरण दिया गया है।

धनीराम के संबंध में उपलब्ध विज्ञप्ति में गौर का वर्तमान मुकदमा दर्ज है, जबकि आमिर उर्फ गुड्डू के खिलाफ गौर के वर्तमान मुकदमे के अतिरिक्त बहराइच के हरदी थाने में दर्ज एक पुराने मुकदमे का उल्लेख किया गया है।

यह विवरण पुलिस विज्ञप्ति में दर्ज आपराधिक इतिहास पर आधारित है। किसी मुकदमे में नाम दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के समान नहीं है।

संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई में थाना गौर के थानाध्यक्ष अतुल कुमार अंजान, एसओजी प्रभारी निरीक्षक विकास यादव और एंटी थेफ्ट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में संबंधित पुलिसकर्मी शामिल रहे।

गौर पुलिस टीम में चौकी प्रभारी बभनान अजय नाथ कन्नौजिया, उपनिरीक्षक भानूप्रताप यादव, उपनिरीक्षक रामप्रकाश यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसओजी टीम के साथ एंटी थेफ्ट टीम के हेड कांस्टेबल अतुल चौबे, कांस्टेबल अभिलाष प्रताप सिंह, कांस्टेबल सुभेन्द्र तिवारी और कांस्टेबल सौरभ मिश्रा ने भी कार्रवाई में भाग लिया। सर्विलांस सेल से हेड कांस्टेबल सत्येंद्र सिंह भी टीम में शामिल रहे।

चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे 10 दिवसीय विशेष अभियान का उद्देश्य चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर रोक लगाना तथा ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना है। गौर क्षेत्र की दोनों घटनाओं का खुलासा इसी अभियान के तहत की गई संयुक्त कार्रवाई के क्रम में किया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से बरामदगी के बाद संबंधित मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की जांच के दौरान चोरी के माल, आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित घटनाओं से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।

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