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गाजीपुर में सिपाही पर नाबालिग छात्रा के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का आरोप, बयान बदलने का दबाव बनाने का दावा; विभागीय जांच जारी
गाजीपुर 25 अक्टूबर 2026.
गाजीपुर जिले में गहमर थाने पर तैनात सिपाही मोहित यादव पर कक्षा 10 में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने, निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने तथा अन्य लोगों के संपर्क में भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का यह भी दावा है कि पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के बाद उस पर बयान बदलने और समझौता करने का दबाव बनाया गया। वहीं, आरोपी सिपाही ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए छात्रा पर उसे फंसाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस की विभागीय जांच जारी है।
ट्रेन में हुई मुलाकात के बाद बढ़ा संपर्क
छात्रा के मुताबिक, करीब छह महीने पहले वह अपनी बुआ के साथ लखनऊ घूमने गई थी। 3 मई 2026 को वापस लौटते समय हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में उसकी मुलाकात मोहित यादव से हुई। छात्रा का कहना है कि बातचीत के दौरान सिपाही ने उसे गहमर थाने में तैनात होने की जानकारी दी और अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया।
छात्रा का आरोप है कि मोहित यादव ने उससे प्रेम संबंध बनाए और शादी करने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के चलते वह उसकी बातों पर विश्वास करने लगी। छात्रा ने दावा किया कि बाद में सिपाही उसे होटल ले गया, जहां उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए। आरोप है कि इन तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरे लोगों के संपर्क में भेजने का भी आरोप
छात्रा ने आरोप लगाया कि सिपाही ने उससे कहा कि शादी करने के लिए पैसों की जरूरत होगी और इसके लिए उसे दूसरे लोगों के संपर्क में जाना पड़ेगा। छात्रा का दावा है कि उसने सिपाही की बातों पर भरोसा किया, जिसके बाद कथित तौर पर उसका शोषण किया गया और दूसरे लोगों से भी गलत व्यवहार कराया गया।
छात्रा के मुताबिक, जब उसे पूरे मामले की गंभीरता का एहसास हुआ तो उसने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी। उसने आरोप लगाया कि सिपाही और उसके कुछ साथी निजी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। छात्रा ने यह भी दावा किया कि उसे इस तरह के मामले में फंसाने की कोशिश की गई।
शिकायत के बाद बयान बदलने का दबाव बनाने का दावा
छात्रा का कहना है कि उसने 5 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत की थी। इसके बाद वह जमानिया के क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी के समक्ष भी अपना पक्ष रखने पहुंची। छात्रा ने आरोप लगाया कि बयान दर्ज कराने के बाद लौटते समय गहमर थाने में तैनात सिपाही एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ मिला और उस पर बयान बदलने का दबाव बनाया।
छात्रा का दावा है कि इस दौरान उसे और उसके पिता व बुआ को जान से मारने की धमकी दी गई तथा जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि सिपाही अपने वकील के साथ उसके घर पहुंचा और समझौता करने का दबाव बनाने लगा। छात्रा के मुताबिक, उसके माता-पिता को भी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत के बाद किसी प्रकार का दबाव बनाया गया था या नहीं।
व्हाट्सऐप संदेशों को लेकर भी दावा
छात्रा ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि सिपाही ने उससे संपर्क कर शिकायत वापस लेने के लिए कहा और शादी करने का भरोसा दिया। उसके मुताबिक, सिपाही ने बालिग होने के बाद शादी करने की बात भी कही। छात्रा का आरोप है कि परिवार पर भी सामाजिक बदनामी का हवाला देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है।
छात्रा ने अपने बयान में न्याय की मांग करते हुए कहा है कि वह शिकायत वापस नहीं लेना चाहती और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई चाहती है।
सिपाही ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर, सिपाही मोहित यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि ट्रेन में छात्रा से मुलाकात हुई थी। उसके अनुसार, ट्रेन में एक अन्य युवक छात्रा का वीडियो बना रहा था, जिसे उसने छात्रा के कहने पर मोबाइल लेकर डिलीट कराया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और काफी समय तक संपर्क बना रहा।
सिपाही का दावा है कि अब उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। उसने छात्रा पर अन्य लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने का आरोप भी लगाया है। सिपाही के इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की विभागीय जांच जारी
जमानिया के क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी के मुताबिक, सिपाही के खिलाफ मिली शिकायत पर विभागीय जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। छात्रा और सिपाही, दोनों की ओर से किए गए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच, छात्रा की सुरक्षा और शिकायत के बाद कथित रूप से बनाए गए दबाव की भी पड़ताल महत्वपूर्ण है।
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