शीतला माता मंदिर के सामने भीषण हादसा, बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 13 की मौत, 30 घायल …….

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ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के सामने भीषण हादसा, बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 13 की मौत, 30 घायल

ग्वालियर, मध्य प्रदेश.18 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के सामने रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ, जब शारदीय नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान धान से लदा एक ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार की ओर जा पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आधी रात के बाद हुआ हादसा, श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला

प्राप्त समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे ग्वालियर के शीतला माता मंदिर मार्ग पर हुआ। चीनोर की ओर से धान से भरा ट्रक मंदिर की तरफ आ रहा था। उस समय नवरात्र की सप्तमी के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। इनमें महिलाएं, बच्चे और आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।

बताया गया है कि मंदिर की ओर आने वाले मार्ग पर ढलान है। ट्रक इसी ढलान पर आगे बढ़ते समय चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक तेजी से नीचे की ओर आया और सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेता चला गया। कई लोग ट्रक के नीचे दब गए। इसके बाद ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से जा टकराया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

ब्रेक फेल होने की आशंका, तकनीकी जांच शुरू

शुरुआती खबरों में ट्रक के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में वाहन में तकनीकी खराबी की आशंका सामने आई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि ट्रक ढलान पर किस परिस्थिति में अनियंत्रित हुआ और चालक उस पर नियंत्रण क्यों नहीं रख सका।

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रक को पुलिस बैरिकेडिंग के पास रोका गया था, लेकिन इसके बाद वह आगे बढ़ते हुए बैरिकेड पार कर गया और श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। नवरात्र के दौरान इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक आगे कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यह दुर्घटना कैसे हुई।

13 श्रद्धालुओं की मौत, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। ट्रक के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर सहित संबंधित चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।

18 अक्टूबर की सुबह सामने आई रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती आंकड़ों में अंतर था। कुछ रिपोर्टों में 12 लोगों की मौत बताई गई, जबकि ग्वालियर की जिलाधिकारी रुचिका चौहान के बाद के बयान के अनुसार मृतकों की संख्या 13 तक पहुंच गई। करीब 30 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है और उनका उपचार जारी है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और होमगार्ड कर्मी भी इस दुर्घटना में घायल हुए।

नवरात्र मेले में उमड़ी थी श्रद्धालुओं की भीड़

शीतला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान सप्तमी पर विशेष धार्मिक महत्व के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ग्वालियर शहर के अलावा चीनोर, डबरा, भितरवार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। इसी वजह से मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच भारी वाहन का अनियंत्रित होकर पहुंचना हादसे की गंभीरता को बढ़ाने वाला साबित हुआ। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए।

प्रशासन ने शुरू की जांच, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रशासन की ओर से दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों के इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी लगाया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन में तकनीकी खराबी थी या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।

इस हादसे ने धार्मिक स्थलों के आसपास भीड़ प्रबंधन, भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध और बैरिकेडिंग की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

नोट: ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात अभी प्रारंभिक आशंका है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मृतकों और घायलों की संख्या भी आगे की आधिकारिक जानकारी के साथ बदल सकती है।

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