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बस्ती भाजपा में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पद को लेकर घमासान, शैल त्रिपाठी ने लगाए दो लाख रुपये लेने के आरोप
📍छह दिन में बदला जिलाध्यक्ष, विवेकानंद मिश्रा ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत; मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की कही बात
बस्ती, 20 अक्टूबर 2026।
भारतीय जनता पार्टी की बस्ती जिला इकाई में महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष शैल त्रिपाठी ने भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा पर पद दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, विवेकानंद मिश्रा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद यह मामला जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
मामले के अनुसार, 12 अक्टूबर को शैल त्रिपाठी को भाजपा महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, महज छह दिन बाद 18 अक्टूबर को उन्हें पद से हटाकर मंजू श्रीवास्तव को महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अचानक हुए इस बदलाव से संगठन के भीतर भी चर्चाएं शुरू हो गईं।
शैल त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें पद से हटाने से पहले इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे इस्तीफा देने के लिए भी कहा गया था, लेकिन इस्तीफा नहीं देने पर उन्हें पद से हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के लिए उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया है।
पद दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये लेने का आरोप
शैल त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाने के नाम पर विवेकानंद मिश्रा ने बंद कमरे में उनसे दो लाख रुपये लिए थे। उन्होंने पार्टी संगठन में पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश स्तर के कुछ पदाधिकारियों और पार्टी के एक महामंत्री की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, रुपये लेने से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही घटनाक्रम सामने आया है।
विवेकानंद मिश्रा ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा ने शैल त्रिपाठी की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही झूठे आरोप लगाने को लेकर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
विवेकानंद मिश्रा के अनुसार, शैल त्रिपाठी के खिलाफ संगठन में अनुशासनहीनता और गलत बयानबाजी को लेकर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जिला इकाई की ओर से प्रदेश नेतृत्व को भेजी गई आधिकारिक सूची में शैल त्रिपाठी का नाम शामिल नहीं था।
सूची में गड़बड़ी के बाद संशोधन का दावा
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा का कहना है कि जब सूची से संबंधित गड़बड़ी की जानकारी पार्टी नेतृत्व को हुई, तो उसमें संशोधन कर शैल त्रिपाठी को पद से हटा दिया गया। उनके मुताबिक, पद से हटाए जाने के बाद ही शैल त्रिपाठी ने उनके खिलाफ आरोप लगाने शुरू किए।
फिलहाल, महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद में हुए बदलाव और दो लाख रुपये लेने के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। एक ओर शैल त्रिपाठी ने गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर विवेकानंद मिश्रा ने उन्हें खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब इस पूरे मामले में पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पर नजर रहेगी।
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