अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य सरगना शुभम सिंह समेत पांच गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार और 7.58 लाख रुपये बरामद…….

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जौनपुर में अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य सरगना शुभम सिंह समेत पांच गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार और 7.58 लाख रुपये बरामद

जौनपुर, 31 अक्टूबर 2026.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सुजानगंज पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से दो 12 बोर की बंदूक, 200 जिंदा कारतूस, एक .22 बोर की राइफल, प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल, .45 बोर की ग्लॉक पिस्टल समेत भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा अवैध असलहा तस्करी के कारोबार से प्राप्त 7 लाख 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

इस कार्रवाई के बाद अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में आ गई है।

मुखबिर की सूचना पर कुरांवां नहर पुलिया के पास हुई गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी और अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बदलापुर अजय कुमार राय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय अपनी पुलिस टीम के साथ 31 अक्टूबर को थाना क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुरांवां नहर पुलिया के पास कुछ लोग अवैध असलहों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कथित तौर पर हथियारों का सौदा करते समय पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य सरगना शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह समेत पांच गिरफ्तार

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह, पुत्र स्वर्गीय अखिलेश सिंह, निवासी जुड़ापुर, थाना सरपतहां, जनपद जौनपुर, उम्र लगभग 30 वर्ष।
  • संतोष कुमार, पुत्र स्वर्गीय मितयी बिन्द, निवासी छीतम पट्टी, थाना सरपतहां, जनपद जौनपुर, उम्र लगभग 34 वर्ष।
  • सौरभ सिंह, पुत्र संजय सिंह, निवासी वार्ड नंबर 15, बाड़गंगा के निकट, थाना कोतवाली, जिला शहडोल, मध्य प्रदेश, उम्र लगभग 35 वर्ष।
  • अनीश सिंह, पुत्र स्वर्गीय भड़नीश सिंह, निवासी गायत्री मंदिर के निकट, वार्ड नंबर 15, थाना कोतवाली, जिला शहडोल, मध्य प्रदेश।
  • दिग्विजय सिंह, पुत्र स्वर्गीय सुधाकर सिंह, निवासी बाड़गंगा तिराहा, वार्ड नंबर 15, थाना कोतवाली, जिला शहडोल, मध्य प्रदेश, उम्र लगभग 40 वर्ष।

हथियारों का बड़ा जखीरा और 7.58 लाख रुपये बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है—

  • दो 12 बोर की बंदूक।
  • 200 जिंदा कारतूस।
  • एक .22 बोर की राइफल।
  • एक प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस।
  • एक .45 बोर की ग्लॉक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस।
  • अवैध असलहा तस्करी के क्रय-विक्रय से प्राप्त 7 लाख 58 हजार रुपये नकद।
  • 11 मोबाइल फोन।

बरामद हथियारों और नकदी को देखते हुए पुलिस इस नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, हथियारों की खरीद और विभिन्न राज्यों में उनकी आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

बिहार के गैंगवार में भी हथियार सप्लाई करने का आरोप

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, इस गिरोह का कथित मुख्य सरगना शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह वर्ष 2022 में बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के अमनाबाद सोन नदी इलाके में हुए गैंगवार से जुड़े हथियारों की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति में शामिल रहा था।

बताया गया है कि सोन नदी क्षेत्र के कवरिया घाट और सोन टीला इलाके में अवैध बालू खनन, बालू की लीज में साझेदारी और वर्चस्व स्थापित करने को लेकर हुए गैंगवार के दौरान राइफल, पिस्टल और कारतूस की खरीद-फरोख्त कर उनकी आपूर्ति की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, शुभम सिंह के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में अवैध असलहा एवं कारतूस की तस्करी समेत अन्य मामलों में लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय बताया गया है।

हैरिस गन हाउस कानपुर से भी सामने आया हथियार आपूर्ति का लिंक

इस मामले में पुलिस की जांच के दौरान कानपुर स्थित हैरिस गन हाउस के माध्यम से भी कुछ हथियारों की आपूर्ति से जुड़ा लिंक सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, गन हाउस के प्रोपराइटर अब्दुल्ला खान और संबंधित गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी वांछित हैं।

बताया गया है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों में भी सक्रिय हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें प्रयासरत हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि आगे की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया से होगी।

मुख्य आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ जौनपुर के अलावा बलिया, कानपुर नगर, लखनऊ, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर मुकदमे दर्ज हैं।

उसके खिलाफ वर्ष 2011 से लेकर 2026 तक हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र, मारपीट, अवैध हथियार रखने और हथियारों की तस्करी से संबंधित मामले दर्ज होने का उल्लेख पुलिस ने किया है।

अन्य चार गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ इस मामले में सुजानगंज थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

गैंग के नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, शुभम सिंह अपने सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में अवैध हथियारों और कारतूसों की आपूर्ति करता था। इस कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया जाता था। गिरोह द्वारा अलग-अलग राज्यों में विभिन्न घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियार उपलब्ध कराए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हथियारों के अंतिम खरीदारों की जानकारी जुटा रही है।

इस मामले में थाना सुजानगंज पर मु0अ0सं0 364/2026 के तहत धारा 111(2), 111(3), 111(4), 111(6), 345(3) बीएनएस तथा आयुध अधिनियम की धारा 3/5/7/25(8)/35 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार पांचों अभियुक्तों को विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय भेज दिया गया है।

पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक आनन्द राय, हेड कांस्टेबल मानस तिवारी तथा कांस्टेबल शुभम सिंह, अमरनाथ तिवारी, गया प्रसाद पटेल, वरुण यादव, संजीव यादव, श्यामसुन्दर और सोनू पासवान शामिल रहे।

पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉ. यशवीर सिंह ने गिरोह के मुख्य सरगना समेत पांच सदस्यों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में अवैध हथियारों की बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच का दायरा अब उन अन्य लोगों तक पहुंच गया है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर विभिन्न राज्यों में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति की जा रही थी।

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