

नोएडा: वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ अमानवीय बर्ताव, 40 बुजुर्गों का हुआ रेस्क्यू
महिला आयोग, समाज कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खुला मानवता को शर्मसार करने वाला मामला
नोएडा, 27 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS
उत्तर प्रदेश के नोएडा से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-55 स्थित एक निजी वृद्धाश्रम “आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम” में बुजुर्गों को अमानवीय हालात में रखा जा रहा था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और महिला आयोग, समाज कल्याण विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 40 बुजुर्गों को वहां से रेस्क्यू किया।
📹 वीडियो में दिखे भयावह दृश्य
वायरल वीडियो में बुजुर्गों को मल-मूत्र से सने कपड़ों में, बिना पर्याप्त वस्त्रों के, और कई को अंधेरे कमरों में बंद या रस्सियों से बांधे हुए दिखाया गया था। कई बुजुर्ग मानसिक और शारीरिक रूप से असहाय स्थिति में थे। आश्रम में तैनात स्टाफ की संख्या बहुत कम पाई गई। एक महिला, जो खुद को “नर्स” बता रही थी, महज़ 12वीं पास निकली।
💸 पैसा लिया पर सुविधाएं नहीं दीं
जानकारी के मुताबिक, वृद्धाश्रम के संचालक परिजनों से एकमुश्त ₹2.5 लाख डोनेशन और ₹6000 प्रतिमाह शुल्क वसूलते थे, लेकिन देखभाल के नाम पर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। यह भी सामने आया है कि कुछ परिजन भी इस अमानवीय साजिश में शामिल हो सकते हैं, जो पैसे देकर अपने माता-पिता को वहाँ छोड़ जाते थे, फिर कभी लौटकर नहीं देखते।
🚨 सरकारी टीम का छापा और रेस्क्यू ऑपरेशन
राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारा। इस दौरान:
- कुल 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू किया गया।
- उन्हें सरकारी ओल्ड ऐज होम्स में शिफ्ट किया गया, जहां उन्हें उचित चिकित्सा, मानसिक परामर्श और देखभाल मुहैया कराई जा रही है।
- आश्रम को सील कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
🧾 जांच में यह भी हुआ खुलासा
- वृद्धाश्रम अवैध रूप से संचालित हो रहा था।
- कई बुजुर्गों को मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय सहायता की सख्त जरूरत है।
- कुछ बुजुर्गों को कई महीनों से नहाने तक नहीं दिया गया था।
🛡️ प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की तैयारी
नोएडा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग की विशेष टीम जांच में जुटी है। यदि परिजनों की मिलीभगत साबित होती है तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
⚖️ समाज के लिए सवाल छोड़ता मामला
यह घटना केवल एक वृद्धाश्रम की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या हम अपने बुजुर्गों को वह सम्मान, सुरक्षा और देखभाल दे पा रहे हैं, जिसके वे हकदार हैं?
NGV PRAKASH NEWS आपसे अपील करता है—बुजुर्गों की गरिमा की रक्षा करें। यदि किसी वृद्ध को उपेक्षा, हिंसा या अमानवीय हालात में देखें, तो तुरंत नजदीकी प्रशासन या महिला आयोग को सूचित करें।
📍 रिपोर्ट: NGV PRAKASH NEWS
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