

NGV PRAKASH NEWS
अयोध्या, 1 सितंबर 2025
साइबर ठगों ने धोखाधड़ी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस ताजा मामले में कॉल या ओटीपी के बिना ही एक अधिवक्ता के खाते से करीब 59 हजार रुपये की खरीदारी कर ली गई।
कौशलपुरी कॉलोनी निवासी और उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 25 अगस्त को जब वह न्यायालय से लौट रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर बैंक से लगातार चार संदेश आए। संदेशों में उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 59,399 रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो उन्हें किसी अंजान नंबर से कॉल आई और न ही कोई ओटीपी साझा किया गया, फिर भी उनके कार्ड से अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर खरीदारी हो गई।
अधिवक्ता ने तत्काल बैंक से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। बैंक की त्वरित कार्रवाई से धनराशि को होल्ड कर लिया गया और बाद में वापस भी कराया गया। साथ ही, उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
इस घटना के बाद अधिवक्ता ने फ्लिपकार्ट और अमेज़न के साथ-साथ विदेश मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और उपभोक्ता मंत्रालय को भी पत्र लिखकर अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो तथा एक प्रभावी शिकायत तंत्र विकसित किया जाए, जिससे आम उपभोक्ता साइबर अपराध का शिकार होने से बच सके।
यह मामला साइबर सुरक्षा के नए खतरे की ओर इशारा करता है, जहां अपराधी तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर बिना किसी प्रत्यक्ष संपर्क के ही खाते से धनराशि निकाल ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए न सिर्फ बैंकों को अपनी सुरक्षा प्रणाली और मजबूत करनी होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहना होगा।
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