पढ़ाई के दौरान गर्भवती होने से बचें, आत्म निर्भर बनने के बाद करें विवाह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल…….

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पढ़ाई के दौरान गर्भधारण से बचें, आत्मनिर्भर बनने के बाद करें विवाह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

लखनऊ 7 जुलाई 2026।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं ने मंगलवार को लखनऊ स्थित के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश दिया। कुलाधिपति के रूप में समारोह में उन्होंने 62,537 विद्यार्थियों को डिग्री तथा 53 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। सभी डिग्रियां डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध कराई गईं।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि पढ़ाई के दौरान कई छात्राएं गर्भवती हो जाती हैं और कई मामलों में बच्चे का जन्म भी हो जाता है, जिसकी जिम्मेदारी अंततः सरकार पर आती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ऐसी परिस्थितियों से बचें और अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने के बाद ही विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रेम विवाह के विरोध में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि दो लोग एक-दूसरे से प्रेम करते हैं तो विवाह करें, लेकिन तब, जब वे आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाएं। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे से भी पढ़ाई के दौरान यही बात कही थी।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई छात्रावासों में खिड़कियों का अभाव, पुस्तकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होना, पानी की टंकियों का खुला होना, स्वच्छता की कमी और कक्षाओं में अव्यवस्थित सुविधाएं देखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।

मेस की गुणवत्ता पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट और साफ-सफाई की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा दिए गए बजट का उद्देश्य केवल धन खर्च करना नहीं, बल्कि उसका प्रभावी और विद्यार्थियों के हित में उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से संसाधनों की बेहतर योजना और उपयोग पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने देश की रक्षा क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश को हथियार विदेशों से मंगाने पड़ते थे, जबकि अब भारत स्वयं आधुनिक रक्षा उपकरण तैयार कर अन्य देशों को भी उपलब्ध करा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत न तो किसी से डरने वाला है और न ही किसी को डराने की नीति अपनाता है।

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