97.75 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने का आरोप…….

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रायपुर: 97.75 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने का आरोप, दूसरे को जमीन बेचने की शिकायत

📍 छत्तीसगढ़ से मेघा तिवारी की रिपोर्ट

रायपुर, 10 अगस्त 2026।

जमीन खरीदने के सौदे में 97.75 लाख रुपये का भुगतान करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराने और इकरारनामा में शामिल जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास करने का आरोप सामने आया है। मामले में प्रफुल्ल कुमार वैद्य ने थाना सिविल लाइन, रायपुर में आशादेवी साहू उर्फ उमादेवी साहू और उनके पति अशवंत दास साहू उर्फ दास जी साहू के खिलाफ शिकायत देकर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

11.50 एकड़ जमीन का 97.75 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा

शिकायतकर्ता के अनुसार, जनवरी 2025 में ग्राम बैमचा, तहसील तिल्दा, जिला रायपुर स्थित विभिन्न खसरों की कुल करीब 11.50 एकड़ भूमि को 8.50 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदने का सौदा तय हुआ था। शिकायत में पूरी भूमि की कीमत करीब 97.75 लाख रुपये बताई गई है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि सौदे के तहत चेक और नकद के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में पूरी रकम का भुगतान किया गया। इसके बाद 7 जनवरी 2025 को 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर विक्रय इकरारनामा भी तैयार किया गया।

पूरी रकम देने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, भूमि का सीमांकन एवं बंटवारा कराने के बाद उसकी रजिस्ट्री कराने की जिम्मेदारी आशादेवी साहू उर्फ उमादेवी साहू की थी। आरोप है कि पूरी रकम प्राप्त करने के बावजूद अब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।

शिकायतकर्ता का कहना है कि रजिस्ट्री के लिए कई बार संपर्क करने पर कथित तौर पर टालमटोल की जाती रही। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि इकरारनामा में शामिल कुछ जमीन को कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया जा रहा है।

दंपती पर मिलकर परेशान करने का भी आरोप

प्रफुल्ल कुमार वैद्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आशादेवी साहू और उनके पति अशवंत दास साहू मिलकर जमीन की रजिस्ट्री कराने में आनाकानी कर रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले को धोखाधड़ी बताते हुए पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।

पुलिस से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने थाना सिविल लाइन पुलिस से जमीन के सौदे, भुगतान, विक्रय इकरारनामा और जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के प्रयास से जुड़े तथ्यों की जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत के साथ विक्रय इकरारनामा समेत अन्य दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न किए जाने की बात भी कही गई है।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष से हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 97.75 लाख रुपये के भुगतान, इकरारनामा और जमीन की बिक्री से जुड़े आरोपों में वास्तविक स्थिति क्या है।

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