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अग्निवीरों को शहीदों जैसा सम्मान देने की तैयारी, परिवार को नौकरी या पेंशन का मिल सकता है लाभ
नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026
अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी
अग्निपथ योजना के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार बड़ी राहत की तैयारी कर रही है। संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अग्निवीरों के परिवारों को नियमित सैनिकों के परिवारों की तरह सुविधाएं और सम्मान दिया जाना चाहिए। हालांकि, इसे अभी सरकार की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
शहादत के बाद परिवार को मिल सकता है बड़ा लाभ
संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि यदि कोई अग्निवीर सीमा पर दुश्मन से लड़ते हुए या सैन्य सेवा के दौरान किसी अन्य कारण से जान गंवाता है, तो उसके परिवार को नियमित सैनिकों के परिवार के समान लाभ दिया जाए। इसमें परिवार के किसी सदस्य को नौकरी अथवा पेंशन जैसी सहायता दिए जाने का प्रावधान शामिल हो सकता है।
समिति का मानना है कि देश की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले अग्निवीरों के परिवारों को भी पर्याप्त आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अभी क्या मिलता है अग्निवीरों के परिवारों को?
वर्तमान व्यवस्था में अग्निवीरों को चार वर्ष की अवधि के लिए सेना के तीनों अंगों में नियुक्त किया जाता है। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिवार को निर्धारित बीमा और अन्य देय लाभ मिलते हैं। वहीं नियमित सैनिकों के परिवारों को लागू नियमों के अनुसार पारिवारिक पेंशन तथा अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
संसदीय समिति ने इसी अंतर को देखते हुए अग्निवीरों के परिवारों के लिए भी बेहतर राहत और सुविधाओं की सिफारिश की है।
सरकार की मंजूरी का इंतजार
संसदीय समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अग्निवीर की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को नियमित सैनिक के परिवार को मिलने वाले समान लाभ दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अग्निवीरों के परिवारों को निश्चित रूप से पेंशन या सरकारी नौकरी मिलेगी। यह व्यवस्था तभी लागू होगी जब केंद्र सरकार इस संबंध में अंतिम निर्णय लेकर आवश्यक नियम जारी करेगी।
चार साल की सेवा के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीर लौटते हैं
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए जाने का प्रावधान है, जबकि शेष अग्निवीर सेवा से बाहर होकर रोजगार के लिए आगे बढ़ते हैं। केंद्र सरकार ने इनके लिए विभिन्न सरकारी विभागों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तथा आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं भी की हैं।
अग्निवीरों के परिवारों को शहादत की स्थिति में नियमित सैनिकों के समान लाभ देने की संसदीय समिति की सिफारिश को अब सरकार के फैसले का इंतजार है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो देश की सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अग्निवीरों के परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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