साइबर फ्रॉड करने वाला आरोपी, फ्रॉड करने के दस्तावेज सहित हुआ गिरफ्तार…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी बैंक खाते खुलवाने वाला आरोपी गिरफ्तार, 3 आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेक, मोबाइल और मुहर बरामद

बस्ती | 21 अगस्त 2026

बस्ती में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए नेट बैंकिंग व मोबाइल बैंकिंग संचालित करता था।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह के आदेश के क्रम में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

मुखबिर की सूचना पर साइबर फ्रॉड के आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को निरीक्षक भगवान सिंह, थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम के साथ चेतक तिराहा बस्ती पर मौजूद थे और साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर आपस में चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महसो रोड स्थित आशा होटल के आसपास एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है, जो बातचीत से दूसरे प्रदेश का रहने वाला प्रतीत हो रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना पुलिस टीम मिश्रौलिया स्टेट के पास मुख्य मार्ग पर पहुंची। पुलिस को देखते ही संदिग्ध व्यक्ति पीछे हटने लगा। शक होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जाहिद खान उर्फ मुनमुन पुत्र फजरुद्दीन, निवासी ककराली मेव, थाना सदर बाजार, जनपद अलवर, राजस्थान बताया।

तलाशी में मिले फर्जी दस्तावेज और बैंक से जुड़े सामान

पुलिस ने आरोपी की जामा तलाशी ली तो उसके कब्जे से साइबर अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान बरामद हुए। पुलिस के अनुसार उसके पास से साइबर थाना बस्ती में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 48/2025 की पांच पन्नों की FIR की प्रति, इंडसेण्ड बैंक की पासबुक, एक चेक, अलग-अलग व्यक्तियों के नाम के तीन आधार कार्ड, मोबाइल फोन, एक फर्म की मुहर और नकदी बरामद हुई।

बरामदगी में इंडसेण्ड बैंक की पासबुक, खाता संख्या 159821158900, चेक संख्या 218380 और अलग-अलग नामों से बने तीन आधार कार्ड शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लावा 5G कंपनी का नीले रंग का एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम तथा बताए गए IMEI नंबरों वाला मोबाइल बरामद किया। पुलिस के मुताबिक एक ‘भाव्या इलेक्ट्रानिक प्रोपराइटर’ नाम की मुहर और 1,200 रुपये नकद भी मिले।

पूछताछ में सामने आया साइबर फ्रॉड का तरीका

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह रिजवान पुत्र फग्गन निवासी भरतपुर, राजस्थान और निर्मला देवी पत्नी जसवंत सिंह निवासी सिरसा, हरियाणा सहित अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि इन बैंक खातों में साइबर फ्रॉड से हासिल रकम मंगाई जाती थी और खातों की नेट बैंकिंग तथा मोबाइल बैंकिंग को फर्जी मोबाइल नंबरों के माध्यम से संचालित किया जाता था।

आरोपी से बरामद मुहर के बारे में पूछे जाने पर उसने कथित तौर पर बताया कि वह बस्ती में फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाने तथा पुलिस की ओर से भेजी गई नोटिस के संबंध में सेटलमेंट के लिए आया था।

पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसके पास से बरामद कुछ आधार कार्ड फर्जी हैं और वह उनका कथित तौर पर समय-समय पर साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल करता था।

पहले से दर्ज मुकदमे में बढ़ाई गईं धाराएं

पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना साइबर क्राइम जनपद बस्ती में पहले से पंजीकृत मु0अ0सं0-48/2025, धारा 319(2), 318(4) BNS तथा 66D IT Act में धारा 336(3), 338 और 340(2) BNS की बढ़ोत्तरी की गई है।

आरोपी को 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण

जाहिद खान उर्फ मुनमुन
पुत्र- फजरुद्दीन
निवासी- ककराली मेव
थाना- सदर बाजार
जनपद- अलवर, राजस्थान

बरामदगी का विवरण

पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से—

  • साइबर थाना बस्ती में दर्ज FIR की प्रति
  • इंडसेण्ड बैंक की पासबुक, खाता संख्या 159821158900
  • चेक संख्या 218380
  • अलग-अलग व्यक्तियों के नाम के 03 आधार कार्ड
  • लावा 5G नीले रंग का एंड्रॉयड मोबाइल फोन
  • मोबाइल नंबर 8302031351 और 7239861920 से संबंधित विवरण
  • IMEI नंबर 352455102789203 और 352456102789201
  • ‘भाव्या इलेक्ट्रानिक प्रोपराइटर’ नाम की मुहर
  • ₹1,200 नकद

बरामद किया गया।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में निरीक्षक भगवान सिंह, थाना साइबर क्राइम जनपद बस्ती, हेड कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, अंगद मौर्या तथा कांस्टेबल अमित कुमार झा शामिल रहे।

साइबर फ्रॉड के मामलों में फर्जी बैंक खातों, दूसरे लोगों के दस्तावेजों और फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर करने का तरीका पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है। बस्ती साइबर क्राइम पुलिस की यह कार्रवाई इसी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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