गरीबों के साथ 90 लाख की धोखाधड़ी करने वाले मैनेजर सहित चार गिरफ्तार…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

गरीबों को आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर 90 लाख की धोखाधड़ी, प्रगति फिनसर्व के ब्रांच मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार

संतकबीरनगर | 21 अगस्त 2026

संतकबीरनगर में गरीब और जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर आर्थिक सहायता के नाम पर करीब 90 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और गबन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना महुली पुलिस ने प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े इस मामले में वांछित ब्रांच मैनेजर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक मैनेजर, बैंक मित्र और प्रगति फिनसर्व से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत की गई। कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय ने किया।

गरीबों की मदद के नाम पर कथित तौर पर किया गया खेल

पुलिस के अनुसार, मामला प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड की नाथनगर-मुखलिसपुर शाखा, थाना महुली क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी में कार्यरत ब्रांच मैनेजर और अन्य आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को ट्रस्ट के माध्यम से आर्थिक सहायता अथवा धनराशि दिलाने के नाम पर रकम का हेरफेर किया।

आरोप है कि सहायता के नाम पर धनराशि से संबंधित प्रक्रिया में धोखाधड़ी करते हुए कंपनी/संस्था के साथ बड़े पैमाने पर गबन किया गया। मामले में करीब 90 लाख रुपये की धनराशि से जुड़ी धोखाधड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

21 फरवरी को दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के मुताबिक, 21 फरवरी 2026 को वादी रघुवीर पुत्र हरिलाल, निवासी प्रजापतिपुर पोस्ट मवैया, जनपद मिर्जापुर, जो प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक बताए गए हैं, ने थाना महुली में प्रार्थना पत्र दिया था।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर अभय कुमार तिवारी और अन्य नामजद व्यक्तियों ने आपस में मिलीभगत कर गरीब और जरूरतमंद लोगों को ट्रस्ट के माध्यम से आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर धनराशि की हेराफेरी की और कंपनी/संस्था के साथ धोखाधड़ी एवं गबन किया।

शिकायत के आधार पर थाना महुली में मु0अ0सं0 67/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना में बढ़ाई गईं कई धाराएं

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर मुकदमे में कई अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की। पुलिस के अनुसार मुकदमे में धारा 319(2), 338, 336(3) और 339 बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई।

इसके बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।

अलग-अलग स्थानों से चारों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

पहला आरोपी अभय कुमार तिवारी, पुत्र गुप्तेश्वर तिवारी, निवासी ग्राम बरियारपुर, थाना सहतवार, जनपद बलिया, जो प्रकरण में ब्रांच मैनेजर बताया गया है, को उसके गांव बरियारपुर से गिरफ्तार किया गया।

दूसरा आरोपी वीरेंद्र, पुत्र बेदराम, निवासी रामनगर मुढ़ौल, रायपुर खास, थाना कायमगंज, जनपद फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद), जिसे पुलिस ने बैंक मित्र बताया है, को एग्रो कॉलोनी, कोतवाली खलीलाबाद से गिरफ्तार किया गया।

तीसरा आरोपी शिवा वर्मा, पुत्र राजकिशोर वर्मा, निवासी आमा, थाना पैकोलिया, जनपद बस्ती, जो प्रगति फिनसर्व से जुड़ा बताया गया है, को भी एग्रो कॉलोनी, कोतवाली खलीलाबाद से गिरफ्तार किया गया।

वहीं चौथा आरोपी अकरम हुसैन, पुत्र अली रजा, निवासी एकडंगा भावपुर ग्रांट, थाना शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर, जिसे पुलिस ने प्रगति मित्र बताया है, को मेहदावल के बाराखाल चौराहे स्थित ई-कार्ट कार्यालय से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहे थे

पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे पहले प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड बैंक, मुखलिसपुर बाजार, थाना महुली में कार्यरत थे।

आरोपियों के मुताबिक बैंक में हुए कथित घोटाले के संबंध में उनके खिलाफ थाना महुली में मुकदमा दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन उनके पक्ष में आदेश नहीं मिलने के बाद वे गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भाग रहे थे।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे और गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर रहने की बात बताई है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  1. अभय कुमार तिवारी पुत्र गुप्तेश्वर तिवारी, निवासी बरियारपुर, जनपद बलिया।
  2. वीरेंद्र पुत्र बेदराम, निवासी रामनगर, मुढ़ाल, रायपुर खास, फतेहगढ़, जनपद फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद)।
  3. शिवा वर्मा पुत्र राजकिशोर वर्मा, निवासी पोस्ट पैकोलिया, जनपद बस्ती।
  4. अकरम हुसैन पुत्र अली रजा, निवासी कुरिया एकदंगा, भावपुर, शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर।

चारों की भूमिका पर पुलिस की नजर

इस पूरे मामले में चारों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार अभय कुमार तिवारी ब्रांच मैनेजर, वीरेंद्र बैंक मित्र, शिवा वर्मा प्रगति फिनसर्व से जुड़ा कर्मचारी और अकरम हुसैन प्रगति मित्र के रूप में कार्य करता था।

करीब 90 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आर्थिक सहायता के नाम पर कितनी धनराशि किन-किन माध्यमों से हड़पी गई और इस पूरे कथित नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय, अजय कुमार भारती, कांस्टेबल आदित्य सिंह, हर्ष तिवारी, अनुराग मिश्रा, अरविन्द यादव, रितेश यादव तथा महिला कांस्टेबल शालिनी तिवारी शामिल रहे।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आर्थिक सहायता और जरूरतमंदों के नाम पर होने वाली कथित धोखाधड़ी के मामलों में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी तेज होने की संभावना है।

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