23 घंटे बाद कुआनो नदी से बरामद हुआ आदर्श का शव, परिजनों के आरोपों से आया नया मोड़…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

23 घंटे बाद कुआनो नदी से बरामद हुआ आदर्श का शव, परिजनों के आरोपों से बढ़ी जांच की गंभीरता

बस्ती | 28 अगस्त 2026

गौर थाना क्षेत्र के केकरहवा घाट पर कुआनो नदी में डूबे वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सुकरौली गांव निवासी 22 वर्षीय आदर्श यादव का शव करीब 23 घंटे बाद शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया। 30वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला। शव बरामद होने की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही आदर्श की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

लाइब्रेरी जाने की बात कहकर घर से निकला था

परिजनों के मुताबिक आदर्श गुरुवार सुबह घर से गणेशपुर स्थित लक्ष्य लाइब्रेरी जाने के लिए निकला था। सुबह करीब 11 बजे उसकी अपने पिता राम विलास यादव से फोन पर बातचीत हुई थी। आदर्श ने पिता को बताया था कि वह लक्ष्य लाइब्रेरी पहुंच गया है। इसके बाद दोपहर में परिजनों को उसके कुआनो नदी में डूबने की सूचना मिली।

बताया जा रहा है कि इससे पहले आदर्श को वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिकटा के पास एक चाय की दुकान पर दो युवकों और एक युवती के साथ देखा गया था। इसके बाद वह विकास और विशाल नाम के दो युवकों के साथ नदी किनारे पहुंचा था।

नदी किनारे मिला मोबाइल, कपड़े और जूता

आदर्श के नदी में डूबने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों को नदी किनारे उसका मोबाइल फोन, कपड़े और जूते मिले। बताया गया कि घटना के बाद विकास और विशाल वहां से चले गए। इस घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

आदर्श के पिता राम विलास यादव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर विकास और विशाल पर साजिश के तहत आदर्श को नदी में धक्का देने का आरोप लगाया है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

स्थानीय गोताखोरों और फायर टीम के बाद पीएसी ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और फायर विभाग की टीम ने नदी में तलाश शुरू कर दी थी। काफी प्रयास के बावजूद पहले दिन आदर्श का पता नहीं चल सका। शुक्रवार को 30वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ाया और करीब 23 घंटे बाद नदी से शव बरामद कर लिया।

घटना के बाद से गौर थानाध्यक्ष अतुल कुमार अंजान लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहे और सर्च ऑपरेशन की निगरानी करते रहे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आदर्श की मौत नदी में डूबने से हुए हादसे का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। परिजनों की ओर से लगाए गए साजिश के आरोपों को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आदर्श की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *