दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा, करंट लगने से दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की मौत, 7 झुलसे…….

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गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा, करंट लगने से दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की मौत

गोरखपुर 21 अक्टूबर 2026.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए। हादसे के बाद परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी।

ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखी प्रतिमा के साथ जा रहे थे ग्रामीण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब पांच बजे गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अयोध्या प्रसाद चौहान टोला के पास ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली पर दुर्गा प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए निकले थे। रास्ते में रजही चौराहे के निकट ट्रॉली में लगी लोहे की लंबी रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। इसके बाद ट्रॉली पर सवार लोग करंट की चपेट में आ गए।

हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग झुलस गए। घायलों को उपचार के लिए बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों में दो सगे भाई लक्की (17 वर्ष) और विक्की (18 वर्ष) तथा उनका मौसेरा भाई चंदन (21 वर्ष) शामिल बताए गए हैं।

एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से मातम

इस हादसे ने एक ही परिवार को गहरा सदमा दिया है। दो सगे भाइयों और उनके मौसेरे भाई की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस परिवार में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां चल रही थीं, वहां कुछ ही देर में चीख-पुकार मच गई।

हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गए।

बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश, सड़क पर हंगामा

हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। विरोध के दौरान करीब एक किलोमीटर तक जाम लग गया। मेडिकल कॉलेज के आसपास की 50 से अधिक दुकानें बंद करा दी गईं। इस दौरान गुस्साए लोगों ने एक रोडवेज बस में तोड़फोड़ भी की।

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर दो बटालियन पीएसी तैनात की गई। करीब दो घंटे बाद शाम लगभग 7:40 बजे जाम खुल सका और यातायात बहाल हुआ।

11 हजार वोल्ट की लाइन नीचे लटकने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि रजही चौराहे के पास 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन नीचे लटक रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रतिमा विसर्जन के लिए सुबह से बिजली आपूर्ति बंद रखी गई थी, लेकिन शाम करीब 4:30 बजे बिजली दोबारा चालू कर दी गई। विसर्जन में शामिल लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी।

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर प्रतिमा के साथ दो पुलिसकर्मी भी चल रहे थे और उन्होंने आगे का रास्ता साफ होने की बात कही थी। हादसे के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को उच्चाधिकारियों ने निलंबित कर दिया। बिजली आपूर्ति बहाल करने और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान बिजली की लाइनों, मार्गों और ऊंचे वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है। गोरखपुर की इस घटना ने बिजली आपूर्ति, हाईटेंशन तारों की स्थिति और विसर्जन मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, घायलों के समुचित उपचार और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। घटना के वास्तविक कारणों और संबंधित विभागों की भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

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