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दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, 1 नवंबर से गैर-BS-6 वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध की तैयारी
नई दिल्ली 26 अक्टूबर 2026.
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और संबंधित राज्य सरकारों को सतर्क रहने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम में बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर के बाद प्रदूषण बढ़ सकता है और नवंबर के पहले सप्ताह में स्थिति गंभीर होने की आशंका व्यक्त की गई है।
1 नवंबर से वाहनों पर लागू हो सकते हैं कड़े प्रतिबंध
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें निजी और व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश तथा संचालन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, प्रतिबंध किन वाहनों पर लागू होगा और किन्हें छूट मिलेगी, इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करना जरूरी है। वाहन चालकों को यात्रा से पहले नवीनतम आधिकारिक निर्देशों की जानकारी लेनी चाहिए।
पराली जलाने पर रोक के लिए तैनात होंगी टीमें
पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्य सरकारों की 300 से अधिक टीमों की तैनाती की जानकारी दी गई है। ये टीमें निगरानी और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखेंगी। प्रदूषण के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण कार्य और धूल पर भी रहेगी नजर
प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों पर धूल रोकने, सड़कों की मशीनों से सफाई कराने, पानी का छिड़काव करने और कचरे का नियमित उठान सुनिश्चित करने जैसे उपायों पर जोर दिया जा रहा है। सर्दियों के लिए तैयार कार्ययोजना 1 नवंबर से लागू किए जाने की जानकारी है। इसके तहत कोयले से चलने वाले तंदूर, डीजल जनरेटर और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर लागू नियमों का पालन कराया जाएगा।
बिना PUC प्रमाणपत्र के ईंधन पर रोक
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था भी लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से रोकने का प्रावधान है। वाहनों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पार्किंग शुल्क बढ़ाने और वर्क फ्रॉम होम पर जोर
निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के उद्देश्य से 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों के एक हिस्से को घर से काम करने की सुविधा देने के निर्देशों की जानकारी सामने आई है। इन उपायों का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है।
वाहन चालक और आम लोग रखें ध्यान
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को वाहन के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांचने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और निर्माण या कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने में सहयोग करने की जरूरत है। गैर-BS-6 वाहनों को लेकर किसी भी यात्रा से पहले लागू प्रतिबंधों, छूट और प्रभावी तारीख की आधिकारिक अधिसूचना अवश्य जांचें।
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