भंडारे से लौट रहा पिता दो मासूम बेटियों के साथ मौत के मुंह में समाया …….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

दुर्गा पूजा के भंडारे से लौट रहा परिवार मौत के गड्ढे में समाया, पिता और दो मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम

बस्ती 26 अक्टूबर 2026

बस्ती में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। दुर्गा पूजा के भंडारे में भोजन करने के बाद अपने घर लौट रहा एक पिता अपनी दो मासूम बेटियों के साथ मौत की नींद सो गया। जिस पिता के साथ दोनों बेटियां घर लौट रही थीं, उन्हें क्या पता था कि रास्ते में ही उनकी जिंदगी का सफर खत्म हो जाएगा। हादसे की खबर सामने आते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिवार के तीन लोगों की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घर लौटते वक्त काल बनकर आया अनियंत्रित ट्रक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब आठ बजे गौर थाना क्षेत्र में बभनान-गौर मार्ग पर कठौवा गांव के निकट यह दर्दनाक हादसा हुआ। गोंडा से पशु आहार लादकर बिहार जा रहा ट्रक संख्या यूपी 53 ईटी 0585 कठौवा गांव के पास पहुंचा ही था कि इसी दौरान गौर थाने में चौकीदार के पद पर कार्यरत राजेश यादव अपनी दो बेटियों शिवांगी यादव (11 वर्ष) और मानवी यादव (7 वर्ष) के साथ पड़ोसी गांव रामापुर में दुर्गा प्रतिमा के सामने आयोजित भंडारे से भोजन कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

अंधेरे में दबे रहे पिता और दोनों बेटियां

हादसे के बाद रात के अंधेरे में लोगों को तत्काल स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग सका। कुछ लोगों को लगा कि ट्रक सड़क किनारे फंस गया है, लेकिन सोमवार सुबह जब राहगीर वहां से गुजरे तो ट्रक के नीचे राजेश यादव और उनकी दोनों बेटियां क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ी मिलीं। यह दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गए। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा मशीन की मदद से ट्रक को गड्ढे से बाहर निकलवाया। इसके बाद तीनों शवों को बाहर निकाला गया।

तीन मौतों से उजड़ गया परिवार, गांव में पसरा मातम

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। जिन मासूम बेटियों को पिता अपनी सुरक्षा और स्नेह के साथ घर ले जा रहे थे, वे अब कभी घर नहीं लौटेंगी। परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। घर में गूंजने वाली बच्चियों की आवाजें हमेशा के लिए खामोश हो गईं। परिजनों की चीख-पुकार और आंसुओं के बीच गांव का माहौल बेहद दुखद हो गया है।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के सुरक्षित संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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