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टाइम सिटी कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप, बीजेपी के पूर्व विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ला पर निवेशकों ने लगाए गंभीर आरोप, पूर्व विधायक बोले- राजनीतिक षड्यंत्र
बस्ती 05 नवंबर 2026
बस्ती जनपद की कप्तानगंज विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे सीए चंद्र प्रकाश शुक्ला एक बार फिर चर्चा में हैं। टाइम सिटी ग्रुप के निवेशकों ने कंपनी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला पर जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन दूसरे लोगों को बेचने के गंभीर आरोप लगाए हैं। निवेशकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी की योजनाओं में अपनी गाढ़ी कमाई लगाई थी, लेकिन न तो उन्हें निवेश की रकम वापस मिली और न ही वादे के मुताबिक भूखंड आवंटित किए गए। वहीं, पूर्व विधायक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश बताया है।
प्रेसवार्ता कर निवेशकों ने खोला मोर्चा
गुरुवार दोपहर करीब दो बजे कंपनी से जुड़े रहे लोगों और निवेशकों ने बस्ती के कंपनी बाग के पास स्थित एक सभागार में प्रेसवार्ता कर अपनी शिकायतें सार्वजनिक कीं। मऊ से पहुंचे आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि टाइम सिटी मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
उनके मुताबिक, कंपनी के सीएमडी एवं एमडी चंद्र प्रकाश शुक्ला वर्ष 2017 में बस्ती की कप्तानगंज विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। राजनीतिक प्रभाव और उनके प्रति लोगों के भरोसे के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी की योजनाओं में निवेश किया था।
निवेश की रकम के बदले जमीन देने का दिया गया था भरोसा
आलोक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि जब निवेशकों ने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो उन्हें रकम लौटाने के बजाय जमीन के माध्यम से निवेश सुरक्षित करने की बात कही गई। इसके बाद बस्ती में कंपनी के नाम पर जमीन खरीदी गई, लेकिन आरोप है कि बाद में कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों और अनियमितताओं के जरिए इन जमीनों को दूसरे लोगों के नाम बेच दिया गया।
निवेशकों का दावा है कि इस पूरे मामले के कारण बस्ती के कई निवेशकों और कंपनी से जुड़े कार्यकर्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उनका आरोप है कि लंबे समय से अपनी रकम और भूखंड के लिए प्रयास करने के बावजूद उन्हें कोई समाधान नहीं मिला।
पूर्व विधायक पर डराने-धमकाने का भी आरोप
प्रेसवार्ता में आलोक श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला से इस मामले में बातचीत करने का प्रयास किया तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें डराया-धमकाया गया। उन्होंने शासन और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, गोरखपुर से पहुंचे राजेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि कंपनी का बोर्ड कथित तौर पर फर्जी तरीके से बदलकर जमीनों की बिक्री की गई। उन्होंने कहा कि निवेशकों को न तो उनकी जमा पूंजी वापस की गई और न ही उन्हें निर्धारित भूखंड उपलब्ध कराए गए।
पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया राजनीतिक षड्यंत्र
दूसरी तरफ, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2017 में ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया था और वर्तमान में कंपनी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाने वालों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से षड्यंत्र किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि इस तरह के आरोप लगाने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
जांच और दस्तावेजों से सामने आएगी सच्चाई
टाइम सिटी ग्रुप से जुड़े निवेशकों द्वारा लगाए गए आरोपों और पूर्व विधायक की ओर से दी गई सफाई के बीच अब मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, कंपनी के बोर्ड में हुए बदलाव, निवेशकों के साथ हुए समझौते और रजिस्ट्री के अभिलेखों की जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला निवेशकों की जमा पूंजी और जमीन के कथित हस्तांतरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। निवेशकों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, जबकि पूर्व विधायक ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।
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सोशल मीडिया पर प्राप्त जानकारी के अनुसार