
Gyan Prakash Dubey
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं केमिकल वाला नया आलू
केमिकल से तैयार “नए आलू” का बाजार में बिकना न केवल सेहत के लिए खतरा है बल्कि यह उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी भी है। अमोनिया जैसे केमिकल का उपयोग पुराने आलू को नया दिखाने के लिए किया जा रहा है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। अमोनिया का सेवन विशेष रूप से दिमाग, किडनी और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
अमोनिया से तैयार आलू का प्रभाव
- दिमाग पर असर:
लंबे समय तक ऐसे केमिकल वाले आलू का सेवन करने से स्मृति कमजोर हो सकती है और मानसिक विकारों का खतरा बढ़ सकता है।
- पाचन तंत्र पर प्रभाव:
अमोनिया शरीर के लिए एक विष है, जो गैस्ट्रिक समस्याएं, उल्टी और दस्त का कारण बन सकता है।
- शरीर में विषाक्तता:
केमिकल युक्त सब्जियां शरीर में विषाक्त पदार्थों का संचय करती हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
अभी जब उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में आलू खुदाई चालू नहीं हुई है, हिमाचल प्रदेश में अब चालू हुई है |
सूत्रों के अनुसार 16 नवंबर से कहीं-कहीं मंडी में नहीं आलू की आवक शुरू हुई है वह भी इतनी कम की वहां के लिए भी पर्याप्त नहीं है |
आलू का उत्पादन मुख्यतः उत्तर प्रदेश हिमाचल, प्रदेश मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, बिहार पश्चिम बंगाल में होती है |
सूत्र के अनुसार जब यहां पर आलू की खुदाई शुरू ही नहीं हुई तो फर्रुखाबाद, कन्नौज,कानपुर के नाम पर 1 महीने से जो नागपुर, मुंबई, मद्रास में जो ठेले वाले जो नया आलू बेच रहे हैं वह कहां से आया |
सूत्रों के अनुसार 14 घंटे में अमोनिया से पुराना आलू नया आलू बन जाता है , बल्कि आलू का वजन भी बढ़ जाता है | जहां पुराना आलू 35 से ₹40 किलो बिक रहा है|
वहीं अमोनिया से तैयार नया आलू 50 से 60 रुपए किलो आराम से बिक जाता है और दुगना मुनाफा मिलता है |
असली और नकली आलू की पहचान कैसे करें?
- मिट्टी की परत:
असली नए आलू पर मिट्टी लगी रहती है, जो एक बार धुलने पर पूरी तरह नहीं उतरती।
केमिकल से तैयार आलू पर लगी मिट्टी पानी में डालते ही तुरंत धुल जाती है।
- काटने पर पानी का रिसाव:
असली नया आलू काटने पर पानी नहीं छोड़ता।
नकली (केमिकल युक्त) आलू काटने पर किनारों से पानी रिसता है।
- छिलके की गुणवत्ता:
असली आलू का छिलका ताजा और प्राकृतिक होता है।
नकली आलू का छिलका पतला और केमिकल के कारण आसानी से अलग हो जाता है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सुझाव
स्थानीय किसानों से सीधे सब्जियां खरीदें।
बाजार में अत्यधिक चमकदार और असामान्य रूप से साफ आलू से बचें।
आलू को ठंडे पानी में भिगोकर अच्छी तरह धोने के बाद ही उपयोग करें।
घर में किसी भी अप्राकृतिक स्वाद या गंध वाले आलू का सेवन न करें।
ऐसे आलू की पहचान के लिए जागरूकता बढ़ाएं और संदिग्ध सब्जियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे |


