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सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण: 6 मिनट 23 सेकंड तक दिन में छाएगा अंधेरा, 2027 में दिखेगा अद्भुत नजारा
दुनिया भर के खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए अगस्त 2027 एक बेहद खास और ऐतिहासिक क्षण लेकर आने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने 2 अगस्त 2027 को लगने वाले पूर्ण सूर्यग्रहण को 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण बताया है। इस दौरान पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन के समय करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक अंधेरा छाया रहेगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इतनी लंबी अवधि वाला पूर्ण सूर्यग्रहण पिछली बार वर्ष 1991 में देखा गया था, जबकि अगली बार ऐसा दुर्लभ नजारा वर्ष 2114 में दिखाई देगा। यही वजह है कि 2027 का यह सूर्यग्रहण वैज्ञानिकों और आम लोगों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 2026 से 2028 के बीच पृथ्वी से लगातार तीन पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देंगे, लेकिन इनमें 2 अगस्त 2027 का ग्रहण सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य की डिस्क को ढक लेगा और कुछ मिनटों के लिए दिन का उजाला धुंधली शाम जैसा महसूस होगा। इस समय सूर्य का बाहरी चमकीला हिस्सा यानी कोरोना भी साफ दिखाई देगा, जो सामान्य दिनों में नजर नहीं आता।
यह ऐतिहासिक सूर्यग्रहण स्पेन के दक्षिणी हिस्से से शुरू होकर उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व तक दिखाई देगा। ट्यूनीशिया और मिस्र में इसका सबसे शानदार दृश्य देखने को मिलेगा। खास तौर पर मिस्र का लक्सर शहर इस ग्रहण का मुख्य केंद्र माना जा रहा है, जहां पूर्णता की अवधि करीब 6 मिनट 19 सेकंड तक रहेगी। करनाक मंदिर और वैली ऑफ द किंग्स जैसे प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों के कारण यह दृश्य और भी अद्भुत बन जाएगा।
वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रहण की असाधारण लंबाई का कारण चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी है। 2 अगस्त 2027 को चंद्रमा अपने पेरिजी यानी पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु के आसपास होगा। इस वजह से वह सामान्य से बड़ा दिखाई देगा और सूर्य को ज्यादा समय तक पूरी तरह ढक पाएगा।
खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रहण का सबसे प्रभावशाली चरण ऐसे क्षेत्र में पड़ेगा, जहां सूर्य लगभग सिर के ऊपर होगा। इससे चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर अपेक्षाकृत धीमी गति से गुजरेगी और ग्रहण की अवधि कुछ सेकंड और बढ़ जाएगी।
विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि सूर्यग्रहण को सीधे आंखों से देखने की कोशिश न करें। इसे देखने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर या विशेष ग्रहण चश्मों का इस्तेमाल करना जरूरी होगा, क्योंकि बिना सुरक्षा के सूर्य को देखने से आंखों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
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