
👉तीन महीने के लगातार इलाज के बाद डॉक्टरों को मिली बड़ी सफलता
रांची।
कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं और यह उस वक्त सच साबित होता है जब कोई डॉक्टर किसी मरीज का सफल इलाज करता है। कुछ ऐसी ही सफलता का कीर्तिमान राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के डॉक्टरों ने स्थापित किया है। पीडियाट्रिक्स विभाग के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ और अजीबोगरीब बीमारी का सफल इलाज कर दिखाया है।
डॉक्टरों के अनुसार, 2.5 साल की एक बच्ची में 15 साल की बच्ची के समान शारीरिक और आंतरिक विकास हो रहा था। यह मामला बेहद जटिल था, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत और शोध के बाद बच्ची को तीन महीने के इलाज से स्वस्थ कर दिया गया।
पहली बार सामने आया ऐसा मामला
विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पीके चौधरी के अनुसार, तीन महीने पहले धनबाद की यह बच्ची अस्पताल आई थी। वह गाइनेकोमैस्टिया नामक बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें उसका शरीर 15 साल की बच्ची जैसा दिखने और हरकत करने लगा था। रिम्स के इतिहास में यह पहला मामला था जब इतनी कम उम्र में इस तरह की बीमारी सामने आई।
डॉक्टर्स के जज्बे ने किया कमाल
डॉ. चौधरी ने बताया कि चूंकि यह मामला पहली बार सामने आया था, इसलिए इसका इलाज खोजने के लिए कई शोध पुस्तकों और मेडिकल जर्नल्स का सहारा लिया गया। बीमारी के स्पष्ट कारण और इलाज की जानकारी नहीं होने के बावजूद डॉक्टरों ने अपनी मेहनत और शोध के जरिए इसका इलाज खोजा।
परिजनों ने डॉक्टरों को बताया भगवान का रूप
डॉ. चौधरी के अनुसार, अक्टूबर से हर महीने बच्ची को हार्मोन का डोज देने के लिए रिम्स बुलाया गया। अब तीसरे महीने का डोज देने के बाद बच्ची में सुधार देखा गया। बच्ची के माता-पिता ने डॉक्टरों का आभार जताते हुए उन्हें भगवान का रूप बताया।
रिम्स के डॉक्टरों ने यह साबित कर दिया है कि उनके प्रयास और ज्ञान के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
NGV PRAKASH NEWS
के लिए वंशिका की रिपोर्ट

