
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला इड़ी के छापे में करोड़ों की संपत्ति बरामद : नोट गिनने की मशीन मगाई
10 मार्च 25.
छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों समेत राज्य के 14 अन्य स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर है, जिसके लिए ईडी ने कैश गिनने की मशीनें भी मंगवाई हैं।
क्यों पड़ी ED की रेड?
सूत्रों के मुताबिक, चैतन्य बघेल का नाम 2,161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रमुख खिलाड़ियों में से एक के रूप में सामने आया है। ईडी ने छापेमारी के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
क्या है मामला?
ईडी ने जुलाई 2023 में इस घोटाले को लेकर शिकायत दर्ज की थी। इसमें रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, और छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) के एमडी अरुणपति त्रिपाठी का नाम शामिल था। आरोप है कि इन लोगों ने शराब खरीदी प्रक्रिया में हेरफेर कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया।
राज्य को 2,161 करोड़ का नुकसान!
ईडी की जांच में सामने आया कि 2019 से 2022 के बीच भ्रष्टाचार के कारण छत्तीसगढ़ सरकार को 2,161 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले में अब तक 205.49 करोड़ की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं।
समर्थकों का विरोध, सख्त पहरा
ईडी की कार्रवाई के दौरान भूपेश बघेल के समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके घर के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है। वहीं, जांच एजेंसी का कहना है कि उनके पास चैतन्य बघेल की संलिप्तता से जुड़े पुख्ता सबूत हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
क्या इस छापेमारी के बाद घोटाले की परतें और खुलेंगी? चैतन्य बघेल से पूछताछ में क्या नए खुलासे होंगे? NGV PRAKASH NEWS इस मामले से जुड़ी हर ताजा अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

