150 करोड़ की ठगी करने वाले अंतर्राजीय ठग हुए गिरफ्तार


150 करोड़ की अंतरराज्यीय ठगी का खुलासा: दिल्ली से शातिर दंपति गिरफ्तार
रिपोर्ट: मेघा तिवारी, छत्तीसगढ़

जशपुर जिले की पुलिस ने एक बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली से शातिर ठग दंपति रत्नाकर उपाध्याय और अनीता उपाध्याय को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कथित रूप से 150 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल था और देशभर के व्यवसायियों को फर्जी “राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन” के नाम पर निशाना बना रहा था।

व्यापारी से 5.70 करोड़ की ठगी

यह मामला तब सामने आया जब पत्थलगांव निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उपरोक्त गिरोह ने उन्हें स्वेटर सप्लाई के नाम पर झूठे CSR ऑर्डर का झांसा देकर 5.70 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपियों में सौरभ सिंह और प्रांशु अग्रवाल भी शामिल हैं, जो अभी फरार हैं।

पुलिस का शातिर ऑपरेशन

एसएसपी शशिमोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी धुर्वेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरोपी कॉलिंग के लिए सिर्फ वाई-फाई और व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने फर्जी मंत्रालयी अधिकारी बनकर अनीता को दिल्ली के होटल ताज में बुलाया, जहां से उसे हिरासत में लिया गया। रत्नाकर को सागरपुर इलाके में ट्रैक कर पकड़ा गया, जब वह भीड़ जुटाकर बचने की कोशिश कर रहा था।

फर्जी मिशन और करोड़ों की ठगी

जांच में पता चला कि “राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन” 2021 में लखनऊ में रजिस्टर हुआ था। इस मिशन के नाम पर देशभर के 15 राज्यों में एजेंटों के माध्यम से वेंडरों से सिक्योरिटी मनी, प्रोसेसिंग फीस और नकद वसूली की जाती थी। दावा किया गया कि संस्था को दो वर्षों में CSR फंड से 140 करोड़ मिले, जबकि टर्नओवर 600 करोड़ का बताया गया।

आरोपियों की संपत्तियां और अगली कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों की 40 करोड़ की 26 फ्लैट्स और 8 करोड़ की रेंज रोवर गाड़ी का भी पता लगाया है। सौरभ सिंह और प्रांशु अग्रवाल की तलाश जारी है। विभिन्न राज्यों में आरोपियों के खिलाफ 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। रेंज आईजी दीपक झा ने इस सफलता पर टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

यह ऑपरेशन न केवल जशपुर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य की अपराध जांच प्रणाली के लिए एक मिसाल भी बन गया है।

NGV PRAKASH NEWS


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