

पूर्व भाजपा नेता सूर्या हांसदा पुलिस एनकाउंटर में ढेर, अपराध और राजनीति का मिला-जुला सफर खत्म
गोड्डा, 11 अगस्त 2025 — झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में पूर्व भाजपा नेता और कुख्यात अपराधी सूर्यानारायण उर्फ सूर्या हांसदा मारा गया। पुलिस ने उसका शव बोआरीजोर थाना क्षेत्र के जोलोकुंडी और राहरबड़िया पहाड़ी के तराई से बरामद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
गिरफ्तारी के एक दिन बाद ही हुई मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, रविवार को पुलिस ने सूर्या हांसदा को देवघर जिले के मोहनपुर नावाडीह स्थित अपनी मौसी के घर से गिरफ्तार किया था। सोमवार सुबह उसका शव बरामद होने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि रात में पुलिस और सूर्या के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मां और पत्नी ने उठाए सवाल
सूर्या की मां नीलमणी मुर्मू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे को गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर में मार दिया। उन्होंने घटना स्थल पर पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोका गया। सूर्या की पत्नी शीला मुर्मू भी पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे शवगृह में मौजूद रहीं।
अपराध की लंबी फेहरिस्त
सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा रहा है। गोड्डा और साहिबगंज जिलों में जनवरी 2025 से अब तक उसके खिलाफ तीन गंभीर मामले दर्ज हुए—जिनमें ईसीएल खदान क्षेत्र में 30 से 40 राउंड फायरिंग, हाइवा वाहन में आगजनी और साहिबगंज के एक पेट्रोल पंप के पास आगजनी शामिल है।
वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में वह इलाके का कुख्यात गैंगस्टर था, जिसके खिलाफ अपहरण, हत्या, लूट और अन्य अपराधों के 50 से अधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीति में भी आज़माई किस्मत
अपराध जगत में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद 2009 में सूर्या ने राजनीति का रुख किया। शुरुआत में जेवीएम, फिर भाजपा और बाद में जेएलकेएम से जुड़ा। उसने बोरियो विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना करना पड़ा।
सूर्या आदिवासी अधिकारों और स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहता था, जिससे वह कुछ वर्गों में लोकप्रिय भी रहा।
गिरफ्तारी के लिए बनी थी एसआईटी
गोड्डा पुलिस ने उसके खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ अशोक रविदास कर रहे थे। सूर्या की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही थी, जो रविवार को पूरी हुई। लेकिन गिरफ्तारी के महज 24 घंटे बाद ही उसका अपराध और राजनीति से जुड़ा सफर एनकाउंटर में खत्म हो गया।
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