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लेन-देन के विवाद में मुर्गी फार्म पर जानलेवा फायरिंग, पुलिस ने 8 आरोपियों को दबोचा
अवैध 9 एमएम पिस्टल, कारतूस और घटना में प्रयुक्त तीन चारपहिया वाहन बरामद, मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
संतकबीरनगर, 16 जून2026।
जिले के खलीलाबाद क्षेत्र में लेन-देन के विवाद को लेकर मुर्गी फार्म पर हुई जानलेवा फायरिंग की घटना का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध 9 एमएम पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा तीन चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। मामले में मुख्य आरोपी ने पूछताछ के दौरान फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने उतरावल गांव स्थित बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार उतरावल गांव निवासी बीर बहादुर राय ने 16 जून को थाना कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर देकर बताया कि 15 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी अपने कई साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों में सवार होकर उनके मुर्गी फार्म पर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचकर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 531/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई रंजिश की वजह
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी ने बताया कि करीब चार माह पहले उसने बीर बहादुर राय से नौ लाख रुपये में एक क्रेटा वाहन खरीदा था। उक्त वाहन किसी अन्य मुकदमे में पुलिस द्वारा सीज कर दिया गया था। आरोपी का आरोप है कि वाहन को न्यायालय से रिलीज कराने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
इसी रंजिश के चलते वह अपने साथियों के साथ तीन वाहनों से बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म पहुंचा और वहां फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद गांव के लोगों के एकत्र होने और पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलने पर आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यन्त राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया तथा देवेन्द्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी संतकबीरनगर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।
बरामद हुए हथियार और वाहन
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी कृष्णचन्द पाण्डेय की निशानदेही पर एक अवैध 9 एमएम पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त तीन चारपहिया वाहन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं, जिनमें स्कॉर्पियो, हुंडई क्रेटा और हुंडई वैन्यू शामिल हैं।
आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ीं
पुलिस के अनुसार अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के बाद मुकदमे में आयुध अधिनियम की धारा 3/7/25/27 की बढ़ोत्तरी की गई है। आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य आरोपी समेत कई पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गिरफ्तार आरोपी दुष्यन्त राय और देवेन्द्र प्रताप सिंह पर भी हत्या के प्रयास, मारपीट तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रभूषण सिंह, उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव, कांस्टेबल कमलेश यादव, सूर्यप्रकाश यादव, रघुवंश प्रसाद, समशेर अली, आरक्षी विकास पाठक, विजय कुमार तथा सूरज मिश्रा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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