

अलवर में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा, 52 बच्चे बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
अलवर, 04 सितम्बर 2025।
राजस्थान के अलवर जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया है। उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गोलेटा गांव स्थित सैय्यद कॉलोनी में बुधवार शाम पुलिस ने छापा मारकर एक हॉस्टल से 52 बच्चों को बरामद किया। आरोप है कि इन बच्चों को शिक्षा और पैसों के लालच में धर्म परिवर्तन के लिए गुमराह किया जा रहा था।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। मौके से अमृत और सोनू रायसिख नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। अमृत पर पहले भी सीकर जिले में धर्मांतरण का केस दर्ज हो चुका है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क एक एनजीओ की आड़ में चल रहा था।
छापेमारी के दौरान बच्चों में हड़कंप मच गया और कई बच्चे दीवार फांदकर भागने लगे। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और बड़ी मात्रा में लिखने की सामग्री जब्त की। वहीं, हिंदू संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बरामद किए गए बच्चों की उम्र 6 से 17 वर्ष के बीच है। वे अलवर, हनुमानगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं। बच्चों ने पुलिस को बताया कि हॉस्टल में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर गलत बातें कही जाती थीं और ईसा मसीह को ही सच्चा भगवान बताया जाता था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का संबंध तमिलनाडु, गुजरात और कई अन्य राज्यों से है। पुलिस ने धर्मांतरण कराने वालों को कड़ी चेतावनी दी है और आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं इस तरह की गतिविधि हो रही हो तो तत्काल सूचना दें।
विश्लेषण
धर्मांतरण के इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शिक्षा और सामाजिक सेवा की आड़ में कितने मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। देशभर में समय-समय पर इस तरह के नेटवर्क का खुलासा होता रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर रोकथाम की चुनौती अभी भी बनी हुई है। ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं, बल्कि बच्चों के पुनर्वास, अभिभावकों की जागरूकता और धार्मिक स्वतंत्रता की आड़ में चल रहे संगठित नेटवर्क पर कड़ी निगरानी आवश्यक है।
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