

NGV PRAKASH NEWS की विशेष रिपोर्ट..
गांवों के ऊपर उड़ते ड्रोन से दहशत, प्रशासन की अपीलों के बावजूद कायम है अफवाहों का साया
बस्ती 04 सितम्बर 2025।
गांवों के ऊपर उड़ते ड्रोन ने ग्रामीणों में भय और असमंजस का माहौल बना दिया है। प्रशासन का दावा है कि नदियों के सर्वे के लिए रात में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन नदियों से दूर बसे गांवों में भी इनकी उड़ान ने लोगों को असहज कर दिया है। नतीजा यह है कि कई जगहों पर ग्रामीण रात में पहरा देने को मजबूर हो गए हैं और चोरी की घटनाओं को भी इन ड्रोन से जोड़कर देख रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में चोरी की वारदातों से आहत ग्रामीणों का मानना है कि चोर गिरोह पहले ड्रोन से रेकी करते हैं और फिर वारदात को अंजाम देते हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रशासनिक पहल और बैठकों का सिलसिला
पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी लगातार थानों पर गणमान्य लोगों व ग्राम सुरक्षा समितियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इनमें स्पष्ट किया जा रहा है कि ड्रोन अफवाहों से बचना जरूरी है और सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी सतर्कता रखी जा रही है। बावजूद इसके, अफवाहों का असर गांवों में साफ दिख रहा है।
पश्चिमी यूपी में हालिया घटनाएं
सिर्फ बस्ती ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मुज़फ़्फरनगर, मेरठ, बरेली और कानपुर जिलों में भी पिछले महीनों में ड्रोन अफवाहों ने भारी उथल-पुथल मचाई है।
- मुज़फ़्फरनगर में LED लाइट से सजे कबूतर उड़ाकर ड्रोन की अफवाह फैलाने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- मेरठ में फर्जी पोस्ट और वीडियो वायरल करने पर 8 लोगों को जेल भेजा गया और 15 एफआईआर दर्ज की गईं।
- बरेली में एक महिला को “ड्रोन चोर” समझकर भीड़ ने पीटा, बाद में सच्चाई सामने आई।
- कानपुर के कन्नौज में 8 लोगों को ड्रोन का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने के आरोप में पकड़ा गया, जिन पर NSA और गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई की संभावना है।
- गाजियाबाद और नोएडा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में ग्रामीण रातभर जागकर चौकसी कर रहे हैं, हालांकि पुलिस को अभी तक ड्रोन की कोई ठोस गतिविधि नहीं मिली।
भय और अफवाहों का मिश्रण
गांवों में उड़ते रोशनी वाले ड्रोन या अज्ञात वस्तुओं को देखकर लोग भयभीत हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस डर को और गहरा कर दिया है। ग्रामीण चोरी और सांप्रदायिक तनाव जैसी घटनाओं को भी इनसे जोड़कर देख रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि ड्रोन का प्रयोग सर्वेक्षण कार्यों या कुछ निजी उपयोगों तक ही सीमित है।
👉यह स्पष्ट है कि ड्रोन अफवाहों ने लोगों के भीतर असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। पुलिस और प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि लोग शांति बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने में दें। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रशासन जमीनी स्तर पर ठोस जागरूकता अभियान नहीं चलाएगा और तकनीकी तथ्यों के साथ लोगों को समझाएगा, तब तक इस तरह की अफवाहें ग्रामीणों में डर और असमंजस फैलाती रहेंगी।
NGV PRAKASH NEWS




