मोदी के जन्मदिन पर लोक भारती द्वारा 1476 हरिशंकरी पौधों का होगा रोपण..

Gyan Prakash Dubey

बस्ती में 17 सितम्बर को होगा ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान, 1476 हरिशंकरी पौधे एक साथ रोपे जाएंगे

बस्ती। 13 सितम्बर।
बस्ती जनपद में 17 सितम्बर का दिन हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के नाम दर्ज होगा। जिला प्रशासन, लोकभारती और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से इस दिन 1476 हरिशंकरी (पीपल, पाकड़ और बरगद) पौधों का एक साथ रोपण किया जाएगा। विशेष बात यह है कि हर पौधे के साथ कुल 4422 पौधे रोपे जाएंगे, जो जनभागीदारी के इस अभियान को ऐतिहासिक स्वरूप देंगे।

यह रोपण अभियान जिले की 1247 ग्राम पंचायतों, 11 नगरीय क्षेत्रों के 165 वार्डों, 6 थाना परिसरों, 4 तहसील मुख्यालयों और 40 प्रमुख स्थलों पर एक साथ चलाया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य है—बस्ती जिले को हरा-भरा बनाना, पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करना और आमजन को वृक्षों के महत्व से जोड़ना।

राजमाता आसमा सिंह ने कही बड़ी बात
बस्ती राजघराने की राजमाता आसमा सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि पौधारोपण का असली लाभ जनता को तभी मिलेगा जब वे पेड़ों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने भूटान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ऑक्सीजन प्रचुर मात्रा में है, पेड़-पौधे प्रचुर मात्रा में हैं और यही कारण है कि वहां लोग सबसे अधिक खुशहाल माने जाते हैं। उन्होंने आशा जताई कि इस अभियान से आने वाले दस वर्षों में लगभग 40,000 पौधे लगाए जाएंगे, जो यहां के पर्यावरण को पूरी तरह बदल देंगे।

अभियान पूरी तरह जनसहभागिता पर आधारित
लोकभारती के राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख श्रीकृष्ण चौधरी ने बताया कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर तीन महीने पर गठित टीमें पौधों की देखभाल और उनकी वृद्धि की समीक्षा भी करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, आर्य समाज, नेहरू युवा केंद्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

हरिशंकरी पौधों का महत्व
पीपल, पाकड़ और बरगद के वृक्ष केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अमूल्य हैं। पीपल को हिंदू धर्म में “अक्षय वट” कहा गया है और यह 24 घंटे ऑक्सीजन देने वाला पेड़ माना जाता है। पाकड़ और बरगद पर्यावरणीय संतुलन बनाने में सहायक हैं और पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल भी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पेड़ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, भूमिगत जलस्तर बढ़ाने और वायु शुद्ध करने में कारगर सिद्ध होते हैं।

जनांदोलन का रूप लेगा अभियान
नगर पालिका, नगर पंचायत, विद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से यह अभियान बड़े स्तर पर सफल होगा। लोकभारती के क्षेत्रीय संयोजक राजमणि सिंह, जिला संगठन प्रमुख उमाशंकर सिंह, सह संयोजक प्रकाश राय, विवेक गिरी, तरुणेश राय पांडेय, अंकुर वर्मा सहित अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों ने कहा कि यह कदम न केवल हरियाली बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी फैलाएगा। वहीं, वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि इस अभियान में जितने पौधों की आवश्यकता होगी, उनकी आपूर्ति की जाएगी।

निष्कर्ष
बस्ती जिले का यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक दीर्घकालिक संकल्प है। यदि जनसहभागिता इसी तरह बनी रही तो आने वाले समय में बस्ती हरित क्रांति का उदाहरण बनेगा और यह अभियान जनांदोलन का रूप लेगा।

NGV PRAKASH NEWS


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