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ससुर और बहू का रिश्ता बना हत्या की वजह? — पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा पर बेटे की हत्या का केस दर्ज
चंडीगढ़ / पंचकूला, 21 अक्टूबर 2025 | NGV PRAKASH NEWS
पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफा एक बार फिर सुर्खियों में हैं — इस बार आरोप बेहद गंभीर हैं। उनके खिलाफ अपने ही बेटे अकील अख्तर की हत्या और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है। इस सनसनीखेज मामले में उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, बेटी और बहू को भी आरोपी बनाया गया है।
16 अक्टूबर की रात – रहस्यमय मौत और शक की शुरुआत
16 अक्टूबर की देर रात पंचकूला स्थित उनके घर में 35 वर्षीय अकील अख्तर संदिग्ध हालत में मृत पाए गए। परिवार ने दावा किया कि मौत दवाओं की ओवरडोज से हुई, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। पड़ोसी शमशुद्दीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि अकील की पत्नी और पिता के बीच अवैध संबंध थे, जिनकी जानकारी अकील को थी। शिकायत के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अकील की मां रजिया सुल्ताना और बहन भी शामिल थीं।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या और साजिश का केस
शमशुद्दीन की तहरीर पर पंचकूला एमडीसी थाना पुलिस ने मोहम्मद मुस्तफा, रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी और बहू के खिलाफ धारा 103(1), 61 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने अकील की मौत से जुड़ी वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच शुरू कर दी है।
अकील का वीडियो बना सबूत
अकील अख्तर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील थे। उनकी उम्र मात्र 35 वर्ष थी और वे दो बच्चों के पिता थे। मौत के बाद 27 अगस्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें अकील यह कहते दिख रहे हैं कि “परिवार के लोग मुझे मारने की साजिश रच रहे हैं। मेरे पिता और पत्नी के बीच अनुचित संबंध हैं, और मेरी मां व बहन भी इस साजिश में शामिल हैं।”
यह वीडियो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन चुका है।
पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
अकील के शव को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। इसके बाद परिवार ने शव को मूल निवास हरडा गांव (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) लाकर नमाज-ए-जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया।
कौन हैं मोहम्मद मुस्तफा?
1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे मोहम्मद मुस्तफा को उनकी सख्त छवि और पांच वीरता पुरस्कारों के लिए जाना जाता रहा है। 2021 में डीजीपी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वे कांग्रेस से जुड़ गए थे और नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी माने जाते थे। उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं और 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी भी बनीं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चार साल पहले बहू को मिला था वक्फ बोर्ड का पद
मुस्तफा की पुत्रवधू जैनब अख्तर को लगभग चार साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। अब वही बहू इस पूरे प्रकरण में सह-अभियुक्त के रूप में नामजद हैं।
पुलिस जांच में नए मोड़ की संभावना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचकूला पुलिस ने जांच टीम गठित कर दी है। अकील की मौत, उनका वीडियो बयान और परिजनों के बीच विवाद — ये तीनों बिंदु इस केस को और पेचीदा बना रहे हैं। जांच अधिकारी का कहना है कि सभी पहलुओं पर निष्पक्षता से कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक व डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है बल्कि उस सिस्टम पर भी सवाल उठाता है, जहां कभी कानून की रक्षा करने वाला अधिकारी अब खुद कानून के शिकंजे में है।
— NGV PRAKASH NEWS




