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बुलंदशहर में चमत्कार या रहस्य? 13 साल पहले ‘ सांप काटने से मरा हुआ’ युवक लौटा घर
बुलंदशहर, 27 अक्टूबर 2025
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद क्षेत्र के सूरजपुर टीकरी गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गांव का एक युवक, जिसे 13 साल पहले सांप के काटने के बाद मृत मान लिया गया था और गंगा में प्रवाहित कर दिया गया था, वह अब अचानक जीवित होकर घर लौट आया है। युवक का नाम दीपू सैनी है, और उसके लौटने की खबर पूरे इलाके में सनसनी बन गई है।
गांव में फैली थी शोक की लहर, अब हैरानी और चर्चा का माहौल
घटना के अनुसार, 13 साल पहले दीपू को भूसे की कोठरी में सांप ने काट लिया था। परिजन उसे स्थानीय उपचार के लिए ले गए, लेकिन तब उसकी सांसें बंद हो गईं और सभी ने उसे मृत मान लिया। परंपरा के अनुसार, परिवार ने दीपू के ‘शव’ को गंगा में बहा दिया था।
दीपू के पिता सुखपाल सैनी ने बताया कि “इलाज के बाद डॉक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया था। लेकिन गांव की कुछ महिलाओं और उसकी मां सुमन देवी का विश्वास था कि सांप के काटे लोग कभी-कभी जीवित भी हो जाते हैं।”
सपेरों और तंत्र-मंत्र से जुड़ी कहानी
दीपू की मां की बात सच होती दिखी जब सपेरों ने कथित रूप से गंगा किनारे से दीपू को जीवित पाया। उन्होंने उसे हरियाणा के पलवल में स्थित एक बंगाली बाबा के आश्रम में ले जाकर तंत्र-मंत्र और जड़ी-बूटी से इलाज कराया। बाद में इलाज के सिलसिले में दीपू को बंगाल भी ले जाया गया।
दीपू ने बताया कि वह करीब 6-7 साल बंगाल में रहा, फिर पलवल लौट आया। एक साल पहले परिजनों को सूचना मिली कि सांप काटने वाले मृत घोषित व्यक्तियों का इलाज पलवल में किया जाता है। वे वहां पहुंचे तो उन्हें दीपू मिल गया। पहचान के लिए संतों ने दीपू के कान के पीछे के पुराने निशान की जांच की और उसकी पहचान की पुष्टि की।
25 अक्टूबर को दीपू घर लौटा
25 अक्टूबर को पलवल के संत-साधु दीपू को लेकर बुलंदशहर पहुंचे और परिजनों के हवाले कर दिया। गांव में दीपू को देखकर सभी दंग रह गए। दीपू ने कहा, “14 साल पहले मुझे सांप ने काट लिया था। अब मैं अपने परिवार के बीच वापस आ गया हूं। पलवल में मेरा इलाज हुआ था। गांव लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है।”
डॉक्टरों ने उठाए वैज्ञानिक सवाल
हालांकि, इस घटना ने मेडिकल जगत को भी हैरान कर दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि कोई व्यक्ति जो मर चुका हो, वह दोबारा जीवित नहीं हो सकता। संभव है कि दीपू उस समय कोमा या शॉक में रहा हो, और परिवार ने बिना पूरी जांच के उसे मृत मान लिया हो।
कुछ डॉक्टरों ने यह भी संभावना जताई कि यह व्यक्ति दीपू जैसा दिखने वाला कोई और हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस इस मामले की जांच में जुटे हैं ताकि असली सच्चाई सामने आ सके।
विश्वास और अंधविश्वास के बीच उलझी कहानी
दीपू के लौटने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे “भगवान का चमत्कार” मान रहे हैं, तो कुछ इसे “अंधविश्वास” और धोखाधड़ी की संभावना बता रहे हैं। मामला अब पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
⏩ 1.. अधिकांश मामलों में फ्रॉड होता है..
2… अधिकांश मामलों में लौटा व्यक्ति 2- 4 साल पश्चिम बंगाल में जरूर रहता है..
3… घर और परिजनों के सवाल छोड़कर और किसी के सवालों का जवाब नहीं देता या टाल जाता है..
4…किसी जानकर व्यक्ति से आँख मिला कर बात नहीं करता..
5..पहले ये रेकी कर सारी जानकारी तथा पहचान की सारी जानकारियां जुटा लेते हैं..
6..उस परिवार का इमोशन का फायदा उठाते हैं..
7…अंत में परिवार के साथ फ्राड कर जाते हैं…
— NGV PRAKASH NEWS




