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UPSC अभ्यर्थी की दर्दनाक मौत: लिव-इन पार्टनर ने रची खौफनाक साजिश, गैस सिलेंडर विस्फोट से छिपाना चाहा हत्या का राज
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2025
दिल्ली के गांधी विहार इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां यूपीएससी की तैयारी कर रहे एक युवक की हत्या उसकी ही लिव-इन पार्टनर ने अपने नए प्रेमी की मदद से कर दी। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए गैस सिलेंडर विस्फोट का तंत्र रचा गया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने फॉरेंसिक और तकनीकी जांच से इस “हादसे” के पीछे छिपी सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
तीन किरदार और एक खौफनाक प्लान
घटना के मुख्य किरदार हैं — अमृता चौहान, रामकेश मीणा और सुमित कश्यप। बाद में चौथा नाम सामने आया — संदीप कुमार।
रामकेश मीणा यूपीएससी अभ्यर्थी था और अमृता चौहान बीएससी फॉरेंसिक साइंस की छात्रा। दोनों दिल्ली के गांधी विहार में लिव-इन में रहते थे। लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़े और अमृता ने रामकेश को छोड़कर अपने ही जिले मुरादाबाद के रहने वाले संदीप कुमार के साथ रहना शुरू कर दिया, जो एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रहा था।
अमृता चाहती थी कि रामकेश के साथ उसके पुराने रिश्ते की हर याद मिट जाए, लेकिन समस्या यह थी कि रामकेश के पास उसके कुछ निजी वीडियो मौजूद थे। इन्हीं वीडियो को लेकर अमृता ने हत्या की साजिश रच डाली।
योजना में शामिल हुआ सुमित कश्यप
संदीप कुमार ने इस साजिश में अपने दोस्त सुमित कश्यप को शामिल किया, जो एलपीजी डीलर है। तय योजना के तहत 6 अक्टूबर को अमृता और सुमित गांधी विहार स्थित रामकेश के कमरे पर पहुंचे। वहां दोनों ने गला घोंटकर रामकेश की हत्या कर दी। इसके बाद सुमित ने गैस सिलेंडर का वाल्व खोल दिया ताकि कुछ देर बाद विस्फोट हो और हत्या को हादसे की शक्ल दी जा सके।
सीसीटीवी फुटेज से टूटी साजिश की परतें
दोनों ने कमरे में मौजूद घी, शराब और अन्य ज्वलनशील पदार्थ रामकेश के शव पर डाल दिए ताकि सब कुछ जल जाए और कोई सबूत न बचे। जैसे ही वे बिल्डिंग से बाहर निकले, कुछ ही देर में धमाका हुआ और कमरे में आग लग गई।
लेकिन इस साजिश की पोल तब खुली जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में दो नकाबपोश लोग इमारत में घुसते और कुछ देर बाद निकलते दिखे। उनके बाहर निकलते ही धमाका हुआ। पुलिस ने तकनीकी जांच में पाया कि ये नकाबपोश और कोई नहीं बल्कि अमृता चौहान और सुमित कश्यप थे।
फॉरेंसिक साइंस स्टूडेंट ने ऐसे किया भ्रम पैदा
अमृता ने अपने फॉरेंसिक ज्ञान का इस्तेमाल करते हुए दरवाजे को इस तरह बंद किया कि लगे रूम अंदर से लॉक है। सुमित ने सिलेंडर खोलने का समय भी बारीकी से तय किया था ताकि आग लगने से पहले वे सुरक्षित निकल जाएं।
पुलिस की तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
दिल्ली पुलिस ने जब कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और डिजिटल सबूतों की जांच की, तो पूरी कहानी सामने आ गई। मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज ने साबित कर दिया कि यह हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या थी। पुलिस ने अमृता चौहान, सुमित कश्यप और संदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
IAS बनने का सपना अधूरा रह गया
32 वर्षीय रामकेश मीणा का सपना था कि वह सिविल सर्विस में जाकर देश की सेवा करे। लेकिन एक मामूली रिश्ते की तकरार और निजी वीडियो की धमकी ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और केस में चार्जशीट तैयार की जा रही है। इस वारदात ने राजधानी में फिर एक बार रिश्तों की सच्चाई और डिजिटल युग के अंधेरे पहलू को सामने ला दिया है।
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