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भटहट ब्लॉक में सामाजिक पारदर्शिता की बड़ी पड़ताल—सात ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट की सात टीमें कर रहीं विकास कार्यों का सूक्ष्म सत्यापन
गोरखपुर,
11 दिसंबर 2025
सोशल ऑडिट निदेशालय के निर्देश पर भटहट ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की सच्ची तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के तीन जिलों—बस्ती, कुशीनगर और प्रतापगढ़—से आए 35 बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) सोशल आडिट की विस्तृत प्रक्रिया में जुटे हैं। पांच-पांच सदस्यों की यह टीमें वित्तीय वर्ष 2025–2026 के अंतर्गत मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का जमीनी तथा अभिलेखीय परीक्षण कर रही हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस व्यापक आडिट में लगभग सभी ग्राम पंचायतों में स्थलीय सत्यापन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
सात ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत की पड़ताल
टीमें भटहट ब्लॉक की जिन सात ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कर रही हैं, वे हैं—पोखरभिंडा, महरी, भिसवा, करमहा बुजुर्ग, बरगदही, बूढ़ाडीह और लंगड़ी गुलरिहा।
ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और संबंधित विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में अभिलेखों को परखते हुए टीमें अब तक मनरेगा के विभिन्न कार्यों, प्रधानमंत्री आवास के निर्माण और अन्य योजनाओं का भौतिक पड़ताल पूरा कर चुकी हैं।
पोखरभिंडा ग्राम पंचायत में बीआरपी अमरनाथ शर्मा, कुमार आनंद सिंह, शिव बहादुर, वी.एल. श्रीवास्तव और अशोक वर्मा की टीम ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धनंजय सिंह के साथ मनरेगा कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। उसी प्रकार अन्य ग्राम पंचायतों में भी सोशल आडिट प्रक्रिया इसी सघनता से चल रही है।
अब 14 दिसंबर, रविवार को ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों के सामने जन-सुनवाई होगी, जिसमें आडिट के दौरान सामने आई विसंगतियों, शिकायतों और सुझावों पर चर्चा की जाएगी।
सत्यापन के साथ जागरूकता—दोहरी पहल से बढ़ रहा भरोसा
सोशल ऑडिट केवल अभिलेखों की जांच तक सीमित नहीं है। ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और ब्लॉक सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में टीमों द्वारा पोस्टर, संवाद, समूह चर्चा और जन-जानकारी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीणों को—
- मनरेगा
- प्रधानमंत्री आवास
- पौधरोपण
- जल संरक्षण
- बागवानी
- सड़क और नाली निर्माण
जैसे कार्यों की प्रक्रिया और उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिले।
इस पहल ने ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने में निर्णायक भूमिका निभाई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।
किन कार्यों की हो रही है सोशल आडिट के तहत जांच?
वित्तीय वर्ष 2025–2026 में 30 सितंबर तक मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का विस्तार से परीक्षण किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं—
- भूमि समतलीकरण
- ग्रामीण सड़कों का निर्माण
- नालियों का निर्माण
- तालाब की खुदाई
- पौधरोपण
- जल संरक्षण
- प्रधानमंत्री आवास का निर्माण
- बागवानी संबंधी कार्य
हर कार्य का अभिलेखीय सत्यापन करने के बाद स्थल पर जाकर भौतिक निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता, कमी या गड़बड़ी को चिन्हित किया जा सके।
बीआरपी को 30 दिन का उन्नत प्रशिक्षण—क्वालिटी सोशल आडिट की मजबूत नींव
सामाजिक पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के 35 बीआरपी को एनआईआरडी (हैदराबाद) के विशेषज्ञों—देवाशीष बेरा, राजेंद्र प्रसाद और राकेश सिंह—द्वारा 30 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यही प्रशिक्षित टीमें वर्तमान में भटहट ब्लॉक के सात ग्राम पंचायतों में नौ दिनों तक रहकर सोशल आडिट की प्रक्रिया को अंजाम दे रही हैं।
आगामी 14 दिसंबर को ग्राम सभा की जन-सुनवाई पूरी होने के बाद सभी टीमें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वापस लौटेंगी।
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