32 बीघा जमीन के लिए धर्म छिपा कर बनी शिष्या : बाद में खुद को घोषित कर दिया पत्नी…

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32 बीघा जमीन हड़पने के लिए महिला पर धर्म और पहचान छिपाने का आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पत्नी बनकर दावा करने की कोशिश

बांदा 1 जनवरी 25.

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के बबेरु तहसील क्षेत्र से जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला पर 32 बीघा बेशकीमती कृषि भूमि पर कब्जा करने के लिए सुनियोजित साजिश रचने का आरोप लगा है। आरोप है कि महिला ने पहले अपनी पहचान और धर्म छिपाकर खुद को एक संत की शिष्या बताया, आश्रम में रहने लगी और संत का विश्वास जीत लिया। संत के निधन के बाद उसने खुद को उनकी पत्नी बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने की कोशिश की।

मामला बबेरु तहसील क्षेत्र के ग्राम अटघार स्थित दाता कुटी आश्रम से जुड़ा है। यहां के संत सत्य निरुपम उर्फ लोटन के नाम मौजा मुड़वारा में करीब 32 बीघा कृषि भूमि दर्ज है। संत आजीवन अविवाहित रहे और सन्यासी जीवन व्यतीत कर रहे थे। उनका निधन 12 अप्रैल 2025 को दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

मृतक संत के गोद लिए पुत्र निर्मल शाह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि संबंधित महिला ने धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए आश्रम और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया है। आरोप के अनुसार महिला मूल रूप से मुस्लिम थी और उसने अपनी पहचान छिपाकर पहले स्वयं को शिष्या बताया। वह आश्रम में रहने लगी और संत के जीवनकाल में स्वयं को उनकी शिष्या के रूप में प्रस्तुत करती रही, लेकिन संत के निधन के बाद उसने खुद को उनकी पत्नी बताना शुरू कर दिया।

निर्मल शाह का कहना है कि महिला ने जमीन हथियाने के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें अपने पिता के नाम की जगह मृतक संत सत्य निरुपम को पति के रूप में दर्शाया गया। जबकि महिला के अन्य पहचान पत्रों में उसका नाम चरणोदक शाह पुत्री आपस शाह दर्ज है। इसी कथित फर्जी आधार कार्ड के आधार पर महिला ने नायब तहसीलदार न्यायालय बबेरु में चल रहे वरासत वाद में आपत्ति दाखिल कर दी, ताकि जमीन अपने नाम कराई जा सके।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल समेत कई अहम दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि संत सत्य निरुपम अविवाहित थे और महिला का उनसे कोई वैवाहिक संबंध नहीं था। उसके अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी और साजिश के तहत जमीन हड़पने का प्रयास है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी बबेरु ने बताया कि मामले को गंभीर मानते हुए महिला के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी तथ्यों और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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