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अंतिम संस्कार से लौटते वक्त सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत
फतेहपुर, 15 जनवरी 2026 —
राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में हुआ भीषण सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि रघुनाथपुरा गांव के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे एक ही परिवार की सात महिलाओं की दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। जिस रास्ते से परिवार वापस लौट रहा था, वहीं उसकी खुशियां हमेशा के लिए थम गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रघुनाथपुरा गांव निवासी मोहनीदेवी की ननद कैलाशदेवी का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार लक्ष्मणगढ़ गया था। शाम करीब चार बजे चार वाहनों में सवार होकर सभी लोग गांव लौट रहे थे। एक कार में महिलाएं बैठी थीं, जबकि अन्य तीन वाहनों में पुरुष सवार थे। हरसावा गांव के पास तेज रफ्तार कार ने ओवरटेक करने की कोशिश की और इसी दौरान वह पहले एक पिकअप से टकराई, फिर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार महिलाएं अंदर ही फंस गईं।
हादसे में 80 वर्षीय सास मोहनीदेवी, सगी बहुएं 55 वर्षीय चंदादेवी, 45 वर्षीय तुलसीदेवी, 35 वर्षीय बरखा देवी, 60 वर्षीय बेटी इंदिरा, चचेरी बहुएं 60 वर्षीय आशादेवी और 45 वर्षीय संतोषदेवी की मौत हो गई। तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, तीन ने धानुका अस्पताल में दम तोड़ा और बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय अंतिम सांस ली। हादसे में 35 वर्षीय सोनू और 25 वर्षीय चालक वसीम गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इस हादसे का सबसे पीड़ादायक पहलू यह रहा कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले परिजनों ने चालक से बार-बार कहा था कि कार में महिलाएं हैं, इसलिए धीरे चलाना, लेकिन यह चेतावनी अनसुनी रह गई। एक तेज ओवरटेक की कोशिश ने सात जिंदगियां लील लीं और कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
हादसे की खबर गांव पहुंचते ही रघुनाथपुरा में मातम पसर गया। गलियां खामोश हो गईं, घरों में रोशनी तो थी लेकिन रौनक नहीं थी। उस रात गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। जिन महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारियां टिकी थीं, वे ही हमेशा के लिए चली गईं।
घटना की सूचना पर विधायक हाकम अली, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, एडीएम रतनलाल स्वामी और एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह मौके पर पहुंचे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है। एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत ने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे गांव को भीतर तक तोड़ दिया है।
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