होटल रेस्त्रा को बड़ी राहत -मिलेगा कमर्शियल सिलेंडर…….

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वैश्विक गैस संकट के बीच बड़ा फैसला: होटल-रेस्तरां को मिला 20% कमर्शियल एलपीजी कोटा, सरकार ने दी राहत

नई दिल्ली, 13 मार्च 2026.

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक गैस संकट के बीच केंद्र सरकार ने होटल-रेस्तरां और पर्यटन उद्योग को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को उनकी औसत मासिक आवश्यकता के आधार पर कमर्शियल एलपीजी का लगभग 20 प्रतिशत कोटा दिया जाएगा, ताकि होटल और रेस्तरां की रसोई पूरी तरह बंद न होने पाए।

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पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा उपलब्धता और इसके होटल-रेस्तरां तथा पर्यटन उद्योग पर पड़ रहे प्रभाव की विस्तार से समीक्षा की गई। युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने से देश में नीले रंग वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी देखी जा रही है, जिससे कई शहरों में होटल और रेस्तरां संचालन प्रभावित होने लगे थे। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने तत्काल राहत के तौर पर यह कोटा प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया।

सरकार का कहना है कि भारत में इस्तेमाल होने वाली लगभग 80 से 85 प्रतिशत एलपीजी पश्चिम एशिया क्षेत्र से आयात होती है, जिसमें अधिकतर आपूर्ति के रास्ते आती है। हालिया युद्ध के चलते इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से गैस आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से कई महानगरों में होटल और रेस्तरां गैस की कमी से जूझ रहे हैं।

मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली जैसे शहरों में कई रेस्तरां ने अपने मेन्यू सीमित कर दिए हैं, जबकि कुछ ने संचालन के समय में कटौती कर दी है। मुंबई में लगभग 20 प्रतिशत होटल-रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद होने की खबरें सामने आई हैं और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह संख्या बढ़ सकती है। बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन ने भी पहले चेतावनी दी थी कि गैस आपूर्ति बाधित रहने पर हजारों प्रतिष्ठान बंद हो सकते हैं।

बैठक के बाद मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मौजूदा संकट पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है और सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है। देश में एलपीजी की कुल खपत में घरेलू उपयोग की हिस्सेदारी करीब 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल उपयोग लगभग 13 प्रतिशत है। इसी वजह से घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए प्राथमिकता तय की गई है।

सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे व्यवसायों को उनकी औसत मासिक कमर्शियल एलपीजी जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत कोटा उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गैस की आपूर्ति वास्तविक जरूरतमंद प्रतिष्ठानों तक पहुंचे और जमाखोरी या कालाबाजारी की स्थिति पैदा न हो।

पेट्रोलियम मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय संयुक्त रूप से उद्योग से जुड़े संगठनों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे और अतिरिक्त गैस आपूर्ति के विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है, ताकि होटल-रेस्तरां और पर्यटन क्षेत्र को लंबे समय तक प्रभावित होने से बचाया जा सके।

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