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मंडलीय अस्पताल आजमगढ़ में बुजुर्ग महिला के साथ अभद्रता का आरोप, डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग; डिप्टी सीएम ने दिए जांच के निर्देश
आजमगढ़, 14 मार्च 2026.
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित मंडलीय चिकित्सालय से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टर-मरीज संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में इलाज कराने पहुंची एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उसके बेटे ने डॉक्टर पर अभद्र व्यवहार, हाथ मरोड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जहानागंज थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी 85 वर्षीय सावित्री सिंह घर में गिरने से घायल हो गई थीं, जिससे उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। गुरुवार को उनका बेटा देवेंद्र सिंह उन्हें इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल आजमगढ़ लेकर पहुंचा। बताया जा रहा है कि वे अस्पताल के कमरा नंबर 26 में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनोद कुमार को दिखाने पहुंचे थे।
📍पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उस समय ओपीडी में अधिक भीड़ नहीं थी, फिर भी डॉक्टर ने मरीज को देखने से इनकार कर दिया। बुजुर्ग महिला डॉक्टर से लगातार अपने हाथ का इलाज करने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें देखने से मना कर दिया। इस दौरान बेटे देवेंद्र सिंह ने डॉक्टर से अपनी मां को देखने की बात कही, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने बुजुर्ग महिला का हाथ पकड़कर उन्हें कमरे से बाहर निकाल दिया और विरोध करने पर बेटे के साथ भी हाथापाई की। अस्पताल में मौजूद लोगों के अनुसार इस घटना के बाद वहां हंगामा मच गया और तीमारदारों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ता देख संबंधित डॉक्टर अपने केबिन से निकलकर वहां से चले गए।
📍घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित महिला से तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. सतीश कन्नौजिया ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
📍घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश सरकार भी हरकत में आ गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
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