कासगंज में सख्त तेवर के साथ सक्रिय एसपी ओम प्रकाश सिंह, कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

कासगंज में सख्त तेवर के साथ सक्रिय एसपी ओम प्रकाश सिंह, कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति

कासगंज, 04 मई 2026.
ने कासगंज के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सख्त और सक्रिय रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश कैडर के 2025 बैच के राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत आईपीएस अधिकारी ओम प्रकाश सिंह इससे पहले लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स विभाग में तैनात थे और उससे पूर्व बस्ती में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी कार्यशैली की चर्चा आज भी होती है।

कासगंज में पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सक्रिय कार्रवाई शुरू कर दी। हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं का खुलासा कर शातिर अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा 33 वारंटियों और वांछित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त संदेश दिया गया है कि जिले में कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और स्पष्ट निर्देश दिए कि फरियादियों की सुनवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने थानों में आने वाले पीड़ितों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया, जिससे आम जनता का भरोसा पुलिस पर और मजबूत हो सके।

ओम प्रकाश सिंह की कार्यशैली की खास बात उनकी सतत निगरानी और अप्रत्याशित निरीक्षण मानी जाती है। दिन हो या रात, सुबह हो या शाम—किसी भी समय किसी भी थाने या चौकी पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना उनकी कार्यप्रणाली का हिस्सा रहा है। बस्ती में अपर पुलिस अधीक्षक रहते हुए भी उनके इसी तेवर के कारण पुलिसकर्मियों में हमेशा सजगता बनी रहती थी। अचानक निरीक्षण की संभावना के चलते पुलिस बल हमेशा सतर्क रहता था कि कहीं कोई चूक न हो।

इसी क्रम में एक घटनाक्रम का उल्लेख प्रासंगिक है। नगर थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की घटना के दौरान, मै मौके पर रिपोर्टिंग के लिए पहुंचा था । उस समय जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में गोपाल कृष्ण चौधरी थे और अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में ओम प्रकाश सिंह तैनात थे।

📍घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए पहले अपर पुलिस अधीक्षक उसके बाद पुलिस अधीक्षक आने वाले थे | मैं मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत करने लगा,बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक सतर्कता अपर पुलिस अधीक्षक को लेकर रहती है, क्योंकि वे हर पहलू को बेहद बारीकी से परखते हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं करते।

📍हालांकि उनकी सख्ती के साथ-साथ उनका व्यवहार संतुलित और सरल भी है। वे न केवल पुलिस कर्मियों को स्पष्ट दिशा देते हैं बल्कि आम जनता को भी धैर्यपूर्वक उनकी समस्याएं समझाते हैं। उनके कार्य करने के तरीके में दिखावे या दबाव की जगह जिम्मेदारी और जवाबदेही का भाव अधिक दिखाई देता है।

बस्ती में तैनाती के दौरान जिस तरह से उन्होंने चुनाव, कावड़ मेला, दुर्गा पूजा, महाशिवरात्रि, ईद,बकरीद,मोहर्रम के त्यौहार को जिस कुशलता के साथ शांतिपूर्वक संपन्न करवाया वह एक मिसाल बना |

कासगंज में उनकी तैनाती के बाद पुलिस महकमे में एक स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी। जिले में धीरे-धीरे पुलिसिंग का ढांचा अधिक सक्रिय और परिणाममुखी होता दिखाई दे रहा है।

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