आसमान में चक्रव्यूह! पश्चिमी विक्षोभ और खाड़ी के दबाव से UP-बिहार से दिल्ली तक 48 घंटे भारी, IMD का अलर्ट…….

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आसमान में चक्रव्यूह! पश्चिमी विक्षोभ और खाड़ी के दबाव से UP-बिहार से दिल्ली तक 48 घंटे भारी, IMD का अलर्ट

नई दिल्ली, 11 मई 2026.

देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कहीं धूल भरी आंधी चल रही है तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार भूमध्य सागर क्षेत्र से उठा पश्चिमी विक्षोभ और मन्नार की खाड़ी व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रही मौसमी प्रणालियां मिलकर उत्तर से दक्षिण भारत तक मौसम को प्रभावित कर रही हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में येलो और रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बड़ा चक्रवात नहीं है, लेकिन कई छोटे सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और अचानक भारी बारिश जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिनों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दिन में गर्मी बनी रहेगी लेकिन शाम और रात के समय अचानक धूल भरी आंधी और बारिश लोगों को राहत भी दे सकती है और परेशानी भी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने खुले इलाकों और ऊंची इमारतों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं और धूल भरी आंधी की चेतावनी दी गई है, जबकि पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। किसानों को खराब मौसम के दौरान खेतों में काम न करने की सलाह दी गई है।

बिहार में मौसम ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ा दी है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित कई इलाकों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान में मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी राजस्थान में लू का प्रकोप जारी है, जबकि पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में धूल भरी आंधी चल सकती है जिससे दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने 11 से 15 मई के बीच कई इलाकों में गर्म रातें दर्ज होने की संभावना भी जताई है।

मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

पंजाब और हरियाणा में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर और अंबाला सहित कई जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शिमला, मनाली, कुल्लू और धर्मशाला में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।

दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रही प्रणाली के कारण तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई, बेंगलुरु, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल सिस्टम होता है जो भूमध्य सागर क्षेत्र से उठकर पाकिस्तान होते हुए भारत पहुंचता है। यह अपने साथ नमी लाता है और जब उत्तर भारत की गर्म हवाओं से टकराता है तो बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बर्फबारी जैसी घटनाएं होती हैं। गर्मियों में यह कभी राहत देता है तो कभी अचानक मौसम बिगाड़ देता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा सिस्टम कोई खतरनाक चक्रवात नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह काफी प्रभाव छोड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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