सोने चांदी पर टैक्स लगाने के बाद,सरकार अब ले सकती है इन पर बड़ा फैसला…….

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पेट्रोल-डीजल हो सकता है महंगा! सोना-चांदी पर ड्यूटी बढ़ने के बाद अब सरकार की नजर आयात पर, नोमुरा की बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली, 15 मई 2026 — केंद्र सरकार द्वारा सोना-चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद अब आम लोगों की नजर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर टिक गई है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म Nomura ने अपनी ताजा रिपोर्ट में संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में सरकार कई और बड़े आर्थिक फैसले ले सकती है, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार अब देश के विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सख्त कदम उठाने के मूड में है। इसी रणनीति के तहत सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है, ताकि इनकी खरीद कम हो और डॉलर की बचत की जा सके।

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार नॉन-मॉनेटरी पॉलिसी एक्शन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य गैर-जरूरी आयात पर भी सख्त नियम लागू कर सकती है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए विशेष बॉन्ड जारी करने, विदेशी निवेशकों को टैक्स में राहत देने और आयातकों के लिए करेंसी हेजिंग नियमों में बदलाव की संभावना भी जताई गई है।

सबसे ज्यादा चर्चा पेट्रोल और डीजल की संभावित कीमत बढ़ोतरी को लेकर हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार राजकोषीय बोझ कम करने के लिए ईंधन कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा के खर्चों पर दिखाई देगा।

नोमुरा के अनुसार भारत की सीपीआई बास्केट में पेट्रोल और डीजल का भार करीब 4.8 प्रतिशत है। ऐसे में ईंधन कीमतों में 5 फीसदी की बढ़ोतरी होने पर महंगाई दर में लगभग 25 से 30 बेसिस पॉइंट्स तक उछाल आ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के दिनों में ऊर्जा और विदेशी मुद्रा बचत को लेकर प्रधानमंत्री की अपील इस बात का संकेत है कि सरकार अब दोहरे घाटे यानी राजकोषीय घाटे और चालू खाता घाटे को और बढ़ने नहीं देना चाहती। सरकार का मुख्य फोकस अब आयात-निर्यात के अंतर को कम करने पर है।

सरकार ने सोने और चांदी पर जो नया आयात शुल्क लागू किया है, उसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किया गया है, जबकि 5 फीसदी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) भी जोड़ा गया है। सरकार ने इस फैसले को ‘जनहित’ में उठाया गया कदम बताया है।

इन फैसलों का असर बाजार में तुरंत दिखाई दिया। आयात शुल्क बढ़ने के बाद बुधवार को सोने की कीमतों में करीब 11 हजार रुपये तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी करीब 22 हजार रुपये प्रति किलो महंगी हो गई। बाद में कीमतों में थोड़ी नरमी जरूर आई, लेकिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अब भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी बनी हुई है।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि सरकार आने वाले दिनों में ईंधन और आयात से जुड़े अन्य सख्त फैसले लेती है, तो महंगाई पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ महीने आम उपभोक्ताओं और बाजार दोनों के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

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