Gyan Prakash Dubey

पुलिस मुठभेड़ में गौतस्कर गिरोह का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार, अवैध तमंचा और चार गोवंश बरामद
बस्ती, 17 मई 2026.
जिले के परसरामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में कथित गौतस्करी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल आठ आरोपियों को दबोचते हुए चार गोवंश, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत नें सी ओ ह्ररैया स्वर्णिमा सिंह के मौजूदगी में बताया कि 16 मई 2026 को परसरामपुर थाना और एसओजी टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पचवारा बाग के पास कुछ लोग गोवंश तस्करी की तैयारी में जुटे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सात आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश यादव, शहबान उर्फ छोटू, आयुष प्रताप सिंह, शहजाद हुसैन, रामअवतार यादव, मुल्ली सोनकर और असलम शामिल हैं। इनके कब्जे से चार गोवंश बरामद किए गए।
पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के मुख्य आरोपी सदाम पुत्र मोहम्मद अफजल के बारे में जानकारी मिली। पुलिस जब उसकी तलाश में जुटी तो 17 मई को नटवापुल के पास आरोपी दिखाई दिया। पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई और मुठभेड़ के दौरान सदाम के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसरामपुर भेजा गया, जहां उसका इलाज कराया गया।
पुलिस ने इस मामले में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सदाम एक पेशेवर गौतस्कर है, जो बस्ती, गोंडा और संतकबीरनगर समेत कई जिलों में सक्रिय गिरोह के माध्यम से गोवंश की तस्करी कर उन्हें बिहार तक पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी सदाम पर हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गोतस्करी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
इस कार्रवाई को एसओजी प्रभारी विकास यादव और थानाध्यक्ष परसरामपुर विश्वमोहन राय व पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 25000 इनाम देने की घोषणा की गई |
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