फार्मासिस्टों के बंद को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों का बड़ा समर्थन…….

Gyan Prakash Dubey

फार्मासिस्टों के बंद को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों का बड़ा समर्थन, यूपी में लाखों मरीजों की बढ़ी परेशानी

लखनऊ, 20 मई 2026.
उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा घोषित बंद को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों का व्यापक समर्थन मिलता दिखाई दिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों ने अपनी-अपनी क्लिनिक बंद रखकर आंदोलन को मजबूती दी, जिसका असर सीधे स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला। बंद के चलते लाखों मरीजों को इलाज और दवाइयों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में करीब एक से डेढ़ लाख क्लिनिक बंद रहने से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो गई। मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से भारी भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला, जहां छोटे क्लिनिक और प्राथमिक उपचार केंद्र आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा का मुख्य सहारा होते हैं। क्लिनिक बंद होने से बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को दूसरे कस्बों और जिला अस्पतालों की ओर जाना पड़ा।

📍ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम त्रिपाठी ने कहा कि यह केवल समर्थन का प्रतीकात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि जिस दिन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों ने पूरी तरह से काम बंद कर दिया, उस दिन सरकारों को उनकी सेवाओं और उपयोगिता का वास्तविक महत्व समझ में आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों की बड़ी भूमिका है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रदेश में जारी इस बंद ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और छोटे क्लिनिकों पर आम जनता की निर्भरता को सामने ला दिया है।

NGV PRAKASH NEWS

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