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यूपी बना ‘आग का प्रदेश’! दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में उत्तर प्रदेश के 40 जिले शामिल, 47 डिग्री पार पहुंचा पारा, IMD का रेड अलर्ट जारी
लखनऊ, 20 मई 2026.
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की भयावह मार झेल रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में अकेले उत्तर प्रदेश के 40 शहर शामिल हो गए हैं। कई जिलों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चिलचिलाती धूप, आग उगलती हवाएं और तपती सड़कों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
aqi.in के ताजा आंकड़ों के अनुसार 19 मई 2026 को दुनिया के सबसे गर्म स्थानों की सूची में उत्तर प्रदेश के शहरों ने सबसे अधिक जगह बनाई।
📍बांदा, मुरादाबाद, इटावा और औरैया जैसे शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया,
📍जबकि प्रयागराज, बदायूं, रामपुर, फतेहपुर, संभल, एटा, बिजनौर, अमरोहा, मिर्जापुर, अलीगढ़, बलरामपुर, बरेली और वाराणसी समेत कई शहरों में पारा 46 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
📍वहीं जौनपुर, आजमगढ़, झांसी, आगरा, मथुरा, सीतापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
प्रदेश के कई शहर इस समय भट्टी की तरह तप रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गांवों और कस्बों में बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं। पंखे और कूलर गर्म हवा फेंक रहे हैं, जबकि कई इलाकों में पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नहीं होने और शुष्क हवाओं के लगातार बहने के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
📍विभाग ने बांदा, प्रयागराज, आगरा समेत 11 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 30 से अधिक जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू किया गया है। IMD ने लोगों को दोपहर 11 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
प्रदेश सरकार भी हालात को लेकर अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जिला अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी केंद्रों पर पर्याप्त दवाइयां, ORS और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध रहें।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। अस्पतालों में चक्कर आना, उल्टी, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ORS और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और सिर ढककर बाहर निकलने की सलाह दी है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत जैसे शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो गर्मी का असर और भी खतरनाक हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत की उम्मीद कम दिखाई दे रही है और आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
भीषण गर्मी के इस दौर ने एक बार फिर जल संकट, बिजली व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता इस समय सिर्फ एक अच्छी बारिश और मौसम में बदलाव का इंतजार कर रही है।
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