बिजली कटौती से जनता बेहाल, भीषण गर्मी में दिन-रात मचा त्राहिमाम…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

बिजली कटौती से जनता बेहाल, भीषण गर्मी में दिन-रात मचा त्राहिमाम

लखनऊ, 21 मई 2026.

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही शहरों से लेकर गांवों तक अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन में बार-बार ट्रिपिंग और रात में घंटों की कटौती से आम जनमानस परेशान है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि लोग रातभर जागकर समय बिताने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।

प्रदेश सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि बिजली भले कागजों में 24 घंटे दिखाई जा रही हो, लेकिन वास्तविकता में हर दस-पंद्रह मिनट पर कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग त्रस्त हैं। दिनभर उमस भरी गर्मी और रात में बिजली गायब होने से लोगों की नींद तक छिन गई है।

ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है। शाम होते ही रोस्टिंग शुरू हो जाती है और हर आधे घंटे या एक घंटे में बिजली गुल हो रही है। कई जगहों पर दो-दो घंटे तक सप्लाई बाधित रहने से लोग घरों की छतों और सड़कों पर टहलते हुए रात काटने को मजबूर हैं। कम वोल्टेज के कारण पंखे और कूलर तक ठीक से नहीं चल पा रहे हैं।

स्थानीय निवासी सूरज नाथ का कहना है कि लगातार कटौती के कारण इनवर्टर तक जवाब देने लगे हैं। पर्याप्त चार्जिंग न होने से इनवर्टर एक-दो घंटे में ही बैठ जा रहे हैं। वहीं नगर पंचायत नगर बाजार निवासी दिवाकर गुप्ता बताते हैं कि दिनभर मेहनत-मजदूरी करने के बाद भी रात में चैन की नींद नसीब नहीं हो रही। उनका कहना है कि वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखा भी ठीक से नहीं घूमता और ऊपर से बार-बार बिजली कट जाती है।

कुंदन, विशाल, स्नेह, शिवा, विनोद, वसीम, सरताज आलम, सूरज, नंदन और कलीम समेत कई लोगों ने बताया कि घरों में छोटे बच्चे गर्मी से बिलबिला रहे हैं। महिलाएं पूरी रात हाथ से पंखा झलने को मजबूर हैं। बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई लोग रातभर बाहर टहलते रहते हैं ताकि किसी तरह गर्मी से राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि आदमी दिन में किसी तरह समय काट लेता है, लेकिन रात की बिजली कटौती ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

जनता का आरोप है कि बिजली विभाग कभी ब्रेकडाउन तो कभी शटडाउन का हवाला देकर सप्लाई बाधित कर देता है। ट्रांसफार्मर फुंकने, तार टूटने और तकनीकी खराबियों की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि 24 घंटे बिजली मिलने के दावे सिर्फ सरकारी आंकड़ों तक सीमित हैं, जबकि हकीकत में कई इलाकों में छह से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी टुकड़ों में।

भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट अब राजनीतिक चर्चा का विषय भी बनने लगा है। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी शुरू होने से पहले बेहतर रखरखाव और निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे किए जाते हैं, लेकिन तापमान बढ़ते ही पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है। जनता का मानना है कि यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे तो बढ़ती नाराजगी आने वाले समय में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *