“कॉकरोच जनता पार्टी” पर पाकिस्तानी कनेक्शन का आरोप, बीजेपी नेता ने शेयर किया कथित फॉलोअर्स डेटा…….

NGV PRAKASH NEWS

नई दिल्ली, 21 मई 2026
सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आई “कॉकरोच जनता पार्टी” अब राजनीतिक बहस का नया विषय बन गई है। मजाक और मीम्स के तौर पर शुरू हुई इस ऑनलाइन मुहिम को लेकर अब गंभीर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने दावा किया है कि इस पार्टी के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में बड़ी संख्या पाकिस्तान से जुड़ी हुई है। बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया पर कुछ कथित “इनसाइट डेटा” और एक पाई-चार्ट साझा करते हुए इसे “पाकिस्तान जनता पार्टी” तक कह डाला।

बीजेपी नेता द्वारा शेयर किए गए डेटा में दावा किया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में लगभग 49 प्रतिशत पाकिस्तान से हैं। इसके अलावा 14 प्रतिशत फॉलोअर्स अमेरिका, 14 प्रतिशत बांग्लादेश, 9 प्रतिशत भारत, 3 प्रतिशत ब्रिटेन, 3 प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया, 3 प्रतिशत सऊदी अरब, 2 प्रतिशत यूएई और शेष अन्य देशों से बताए गए हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

दरअसल, “कॉकरोच जनता पार्टी” पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई है। बताया जा रहा है कि इसके इंस्टाग्राम पेज पर महज पांच दिनों के भीतर 15 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस पार्टी का नाम ट्रेंड करने लगा। कुछ समय के लिए इसका अकाउंट ब्लॉक होने की खबर भी सामने आई, जिसके बाद समर्थकों ने इसे “आवाज दबाने की कोशिश” बताया।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई थी, जब एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगार और फर्जी डिग्रीधारकों पर टिप्पणी करते हुए “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। बाद में सफाई देते हुए कहा गया कि टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री वालों के संदर्भ में थी, लेकिन तब तक यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। इसी के बाद युवाओं और इंटरनेट यूजर्स ने व्यंग्य के तौर पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर इस पार्टी को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं की नाराजगी और बेरोजगारी के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे केवल एक डिजिटल मजाक और ट्रोल अभियान बता रहे हैं।

वहीं, बीजेपी नेताओं का आरोप है कि यह अभियान सुनियोजित तरीके से सरकार और भाजपा विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ती ऐसी मुहिमों की वास्तविकता की जांच जरूरी है, क्योंकि फर्जी फॉलोअर्स, बॉट अकाउंट्स और विदेशी डिजिटल हस्तक्षेप जैसी आशंकाएं आज के दौर में आम हो चुकी हैं। हालांकि अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” के फॉलोअर्स में विदेशी हस्तक्षेप है या नहीं।
फिलहाल यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।

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