अजब: महिला ई रिक्शा चालक को इनकम टैक्स विभाग ने भेजा 16 करोड़ टैक्स का नोटिस…….

NGV PRAKASH NEWS

कानपुर में महिला ई-रिक्शा चालक को 16 करोड़ का टैक्स नोटिस, लोन दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप

कानपुर, 23 मई 2026.

कानपुर में एक महिला ई-रिक्शा चालक को 16 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स नोटिस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। नोटिस मिलने के बाद महिला के होश उड़ गए। पीड़िता का आरोप है कि लोन दिलाने के नाम पर उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाता खोला गया और करोड़ों रुपए का लेनदेन किया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर चौकी स्थित रामगंगा इन्क्लेव निवासी अर्चना मिश्रा ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। अर्चना ने बताया कि वर्ष 2017 में पति से तलाक लेने के बाद उन्होंने अपने दोनों बेटों की जिम्मेदारी अकेले संभाली। इसी बीच उन्हें बच्चेदानी के कैंसर का पता चला, जिससे आर्थिक और मानसिक संकट और बढ़ गया। परिवार चलाने और बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया। अर्चना का दावा है कि वह शहर की पहली महिला ई-रिक्शा चालक थीं, जिसके लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ब्रह्मदेव तिवारी ने उन्हें सम्मानित भी किया था।

पीड़िता के अनुसार आर्थिक तंगी के दौरान उनकी मुलाकात अजय गुप्ता नामक व्यक्ति से हुई। अर्चना ने उससे लोन दिलाने में मदद मांगी तो उसने अपने रिश्तेदार संजीव गुप्ता के जरिए बैंक से लोन कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी बहाने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज ले लिए गए और बिरहाना रोड स्थित एक्सिस बैंक में उनके नाम से खाता खुलवाया गया।

अर्चना का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि इसी खाते में लोन की राशि आएगी, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी कोई पैसा नहीं आया। जब उन्होंने दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें टालना शुरू कर दिया और बाद में घर से भगा दिया। इसी दौरान बीमारी बढ़ती गई और इलाज के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।

महिला ने बताया कि मार्च 2026 में पहली बार उन्हें जीएसटी विभाग की ओर से नोटिस मिला। अधिकारियों ने फोन और व्हाट्सएप के जरिए जानकारी दी। नोटिस समझ में न आने पर उन्होंने अजय गुप्ता से संपर्क किया, लेकिन उसने उन्हें धमकाया। इसके बाद 11 मई को दूसरा नोटिस मिला, जिसमें उनके खाते से करीब 13 करोड़ रुपए की खरीद-फरोख्त और लगभग 3 करोड़ रुपए के अन्य लेनदेन का उल्लेख था।

अर्चना का आरोप है कि उनके दस्तावेजों के आधार पर ‘AM उद्योग’ नाम से फर्म बनाई गई और उसी के जरिए पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। मामले की शिकायत लेकर जब वह रतनपुर चौकी पहुंचीं तो वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। महिला का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उनसे लिखवाया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहतीं। बाद में स्थानीय लोगों की सलाह पर वह सीधे पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के आदेश पर चौकी प्रभारी आशुतोष दीक्षित को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं पनकी थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सहायक पुलिस आयुक्त अमरनाथ ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *