दिल्ली में पानी की इसलिए कमी है क्यों की “पानी भाप बनाकर उड़ जाता है”-सी यम रेखा गुप्ता…….

पानी की कमी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयान से छिड़ी सियासी बहस, विपक्ष ने साधा निशाना

नई दिल्ली, 05 जून 2026.

दिल्ली में बढ़ती गर्मी और पानी की किल्लत के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक बयान राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान पानी की कमी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण सप्लाई के दौरान कुछ पानी भाप बनकर उड़ जाता है, जिससे उपलब्ध पानी में कमी आ जाती है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्षी दल इसे लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि इस समय अत्यधिक गर्मी पड़ रही है और पानी की आपूर्ति के दौरान कुछ मात्रा में पानी “इवैपोरेट” यानी भाप बनकर उड़ जाता है, जिसके कारण पानी की उपलब्धता प्रभावित होती है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।

(टीएमसी) ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए तंज भरे अंदाज में कहा कि दिल्ली में पानी संकट को लेकर मुख्यमंत्री के यही विचार हैं। वहीं सुप्रिया श्रीनेत ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि राजधानी पानी के संकट से जूझ रही है और ऐसे समय में मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी चिंताजनक है। कांग्रेस की एक अन्य प्रवक्ता रागिनी नायक ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान को लेकर सवाल उठाए और सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा।

सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री के बयान को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली। कई यूज़र्स ने इसे लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ लोगों ने तर्क दिया कि अत्यधिक गर्मी में खुले जल स्रोतों और वितरण व्यवस्था में पानी के वाष्पीकरण की प्रक्रिया स्वाभाविक है, हालांकि इससे होने वाला वास्तविक नुकसान कितना है, इस पर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय हो सकती है।

यह पहला मौका नहीं है जब रेखा गुप्ता अपने किसी बयान को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई हों। इससे पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और सुभाष चंद्र बोस से जुड़े उनके कुछ बयानों को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो चुका है। विपक्ष लगातार उनके बयानों को मुद्दा बनाकर सरकार की आलोचना करता रहा है।

दिल्ली में इस समय बढ़ती गर्मी और जल संकट को लेकर सरकार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है, जबकि विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रहा है।

NGV PRAKASH NEWS

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