फ्रोजन शोल्डर के बढ़ते मामले: दर्द को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर के सलाह से सही इलाज, व्यायाम और सावधानी से मिल सकती है राहत…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

फ्रोजन शोल्डर के बढ़ते मामले: दर्द को नजरअंदाज न करें, सही इलाज, व्यायाम और सावधानी से मिल सकती है राहत

22 जुलाई 2026।

पिछले कुछ वर्षों में फ्रोजन शोल्डर (Frozen Shoulder) यानी कंधे के जाम होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह बीमारी मुख्य रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने वाले, मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों और शारीरिक गतिविधि कम करने वाले युवाओं में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं।

फ्रोजन शोल्डर में कंधे के जोड़ के आसपास मौजूद कैप्सूल में सूजन और अकड़न आ जाती है। धीरे-धीरे कंधे की हरकत कम होने लगती है और हाथ ऊपर उठाना, पीछे ले जाना या कपड़े पहनना तक मुश्किल हो जाता है।

फ्रोजन शोल्डर के प्रमुख लक्षण

  • कंधे में लगातार दर्द रहना।
  • हाथ ऊपर उठाने या पीछे ले जाने में कठिनाई।
  • रात में दर्द बढ़ जाना।
  • बाल बनाना, शर्ट पहनना या पीठ खुजलाना मुश्किल होना।
  • कंधे का धीरे-धीरे पूरी तरह जाम हो जाना।

किन लोगों में ज्यादा खतरा रहता है?

  • 40 से 65 वर्ष की आयु के लोग।
  • डायबिटीज के मरीज।
  • थायरॉयड की समस्या वाले लोग।
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने वाले।
  • कंधे में चोट या ऑपरेशन के बाद हाथ का कम इस्तेमाल करने वाले।
  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यह समस्या थोड़ी अधिक देखी जाती है।

दवा कब और कैसे लें?

फ्रोजन शोल्डर में बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं लेना उचित नहीं है।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं, मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं या कुछ मामलों में स्टेरॉयड इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं। यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे तो ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या फिजियोथेरेपिस्ट से अवश्य परामर्श लें।

क्या मालिश का तेल फायदेमंद है?

हल्की मालिश से कुछ लोगों को आराम मिल सकता है, लेकिन मालिश फ्रोजन शोल्डर का इलाज नहीं है।

  • गुनगुने तिल, सरसों या नारियल के तेल से हल्की मालिश की जा सकती है।
  • अत्यधिक दबाव या जोरदार मालिश से बचें।
  • दर्द वाले स्थान पर 10–15 मिनट तक गर्म सिकाई करने से अकड़न कम हो सकती है।

सबसे असरदार इलाज – नियमित व्यायाम

विशेषज्ञों के अनुसार फ्रोजन शोल्डर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका फिजियोथेरेपी और नियमित एक्सरसाइज की होती है।

1. पेंडुलम एक्सरसाइज

कमर से थोड़ा आगे झुकें और प्रभावित हाथ को ढीला छोड़ दें। हाथ को धीरे-धीरे गोल-गोल घुमाएं।

2. फिंगर वॉक

दीवार के सामने खड़े होकर उंगलियों की मदद से हाथ को धीरे-धीरे ऊपर चढ़ाएं।

3. तौलिया स्ट्रेच

पीठ के पीछे तौलिया पकड़कर दोनों हाथों से धीरे-धीरे ऊपर-नीचे खींचें।

4. क्रॉस बॉडी स्ट्रेच

प्रभावित हाथ को दूसरे हाथ की सहायता से धीरे-धीरे सीने की ओर खींचें।

5. स्टिक एक्सरसाइज

लकड़ी की छड़ी या डंडे की मदद से दोनों हाथों से धीरे-धीरे कंधे की गति बढ़ाने का अभ्यास करें।

ध्यान रखें: यदि किसी व्यायाम से असहनीय दर्द हो तो तुरंत रोक दें और फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

क्या करें?

  • रोजाना 15–20 मिनट कंधे की एक्सरसाइज करें।
  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें।
  • हर घंटे 5 मिनट शरीर को स्ट्रेच करें।
  • डायबिटीज को नियंत्रित रखें।
  • पर्याप्त प्रोटीन और कैल्शियम युक्त भोजन लें।
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव कम रखें।

क्या न करें?

  • दर्द के डर से हाथ को बिल्कुल स्थिर न रखें।
  • बिना सलाह के बार-बार दर्द की दवा न लें।
  • जोरदार मालिश या झटका देने से बचें।
  • घरेलू नुस्खों पर पूरी तरह निर्भर न रहें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

  • दर्द लगातार बढ़ रहा हो।
  • हाथ बिल्कुल न उठ पा रहा हो।
  • कंधे में चोट लगी हो।
  • हाथ में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
  • तीन से चार सप्ताह बाद भी सुधार न हो।

क्या फ्रोजन शोल्डर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

अधिकांश मरीज सही समय पर इलाज, नियमित फिजियोथेरेपी और व्यायाम से पूरी तरह या काफी हद तक ठीक हो जाते हैं। हालांकि इसमें सुधार आने में कई महीने लग सकते हैं, इसलिए धैर्य रखना और इलाज बीच में न छोड़ना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

फ्रोजन शोल्डर कोई साधारण दर्द नहीं, बल्कि कंधे की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना, नियमित व्यायाम करना और फिजियोथेरेपी को अपनाना ही इससे बचाव और इलाज का सबसे प्रभावी तरीका है। दर्द को नजरअंदाज करने या केवल तेल-मालिश पर निर्भर रहने से समस्या और बढ़ सकती है।

(यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा या उपचार को शुरू करने से पहले योग्य ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श अवश्य लें।)

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *