बिजली विभाग के कर्मचारियों पर कोर्ट ने मुकदमा पंजीकृत करने का दिया निर्देश…….

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11 हजार वोल्ट लाइन हादसे में मौत के मामले में कोर्ट सख्त, बिजली विभाग के कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश

बस्ती, 12 जून 2026.

करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से जुड़े हादसे में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) बस्ती ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए थाना कप्तानगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले में बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही को गंभीर मानते हुए सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है।

न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के अनुसार कप्तानगंज थाना क्षेत्र के निवासी अशोक कुमार चौधरी ने आरोप लगाया था कि उनके खेत में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार गिर गया था। इसकी सूचना विद्युत उपकेंद्र कप्तानगंज को दी गई थी। शिकायत के अनुसार सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के दो लाइनमैन मौके पर पहुंचे और अशोक कुमार के बुजुर्ग और बीमार पिता को घटनास्थल पर ले गए। आरोप है कि बिना बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कराए ही उन्हें तार हटाने के लिए कहा गया, जिससे करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि हादसे के बाद दोनों लाइनमैन मौके से चुपचाप चले गए। बाद में ग्रामीणों की मदद से घायल बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने इस घटना के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था।

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों, शपथ पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के अवलोकन के बाद यह तथ्य सामने आया कि घटना के संबंध में स्थानीय थाने में कोई अभियोग दर्ज नहीं किया गया था। वहीं न्यायालय में प्रस्तुत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी यह स्वीकार किया गया कि दुर्घटना संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई थी।

सीजेएम बस्ती ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला बनता है तथा मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसी आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना कप्तानगंज को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया गया है।

न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि दर्ज की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। इस आदेश के बाद लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे मृतक के परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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