NGV PRAKASH NEWS

नई दिल्ली | 02 जुलाई 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े अंतरराज्यीय अभियान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कथित आतंकी और हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल समेत दो विदेशी पिस्टल, नौ कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एसीपी विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की टीम को खुफिया और तकनीकी इनपुट मिले थे कि पाकिस्तान में बैठा आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी अपने सहयोगियों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने पंजाब के कुछ युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उन्हें हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ आतंकी गतिविधियों में शामिल किया था।
प्रारंभिक जांच के बाद स्पेशल सेल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर दिल्ली और पंजाब में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान सबसे पहले पंजाब के अमृतसर के मजीठा रोड क्षेत्र से शुभदीप सिंह उर्फ विशाल को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए।
पूछताछ में शुभदीप ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था और ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजे गए हथियारों एवं ड्रग्स की खेप रिसीव करता था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने पंजाब से उसके दो अन्य साथियों गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि और साजन सिंह उर्फ हनी को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए।
जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर स्पेशल सेल ने चौथे आरोपी गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गगनप्रीत को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स ने दिल्ली में पुलिस थानों, पुलिस पिकेटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी करने का जिम्मा सौंपा था। वह इन स्थानों की वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेज चुका था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे राजधानी में किसी सार्वजनिक स्थान पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने का भी कथित टास्क दिया गया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस मॉड्यूल से और कौन-कौन लोग जुड़े थे, ड्रोन के जरिए कितनी बार हथियारों की खेप भारत पहुंची और इस नेटवर्क के तार किन अन्य राज्यों तक फैले हुए हैं।
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